ट्रक में घुसी स्कार्पियो, परिवार के 4 लोगों की मौत:बांदा में क्रेन की मदद से निकाले गए शव, आजमगढ़ से महोबा लौट रहा था व्यवसायी परिवार

बांदा में बेकाबू स्कॉर्पियो-N कार के सिलेंडर लदे ट्रक से टकराने से व्यवसायी, उसकी मां, दादी समेत चार लोगों की मौत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि आधी कार डीसीएम के नीचे आ गई। गाड़ी ड्राइव कर रहे युवक के सीने में इंजन के कई पार्ट्स टूटकर घुस गए। युवक और आगे बैठी महिला के शव को निकालने के लिए क्रेन का सहारा लेना पड़ा। जबकि 2 शवों को पिछला दरवाजा खोलकर बाहर निकाला गया। हादसे में एक 19 साल की बहन भी घायल हो गई।
गुरुवार सुबह 9 बजे का यह हादसा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर संख्या 47.8 पर कोतवाली देहात क्षेत्र के हथौड़ा गांव के पास हुआ है। कार सवार आजमगढ़ से महोबा के कबरई जा रहे थे। हादसे का कारण चालक को झपकी आना बताया जा रहा है। हादसे की तस्वीरें देखिए… अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… आजमगढ़ के थाना जियनपुर के गांव रामगढ़ के रहने वाले अजीत (38) परिवार समेत महोबा के कबरई कस्बे में रहते थे। यहां उनकी टायर की शॉप है। अजीत अपनी मां प्रेमशिला (55), दादी चंद्रावती (80), चाची निशा विश्वकर्मा (40) और 19 साल की चचेरी बहन रिया को लेकर अपने दोस्त की स्कॉर्पियो-N कार से आजमगढ़ अपने कुल देवता की पूजा करने आए थे। बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे अजीत सभी को लेकर कार से महोबा के लिए निकले थे। करीब 450 किमी का सफर तय करने के बाद गुरुवार सुबह 9 बजे वे बांदा के हथौड़ा गांव के पास पहुंचे थे। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर अचानक गाड़ी चला रहे अजीत को झपकी आई। झपकी आने की वजह से स्कार्पियो बेकाबू हो गई और वह आगे चल रहे सिलेंडर लदे ट्रक में जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि आधी गाड़ी ट्रक के नीचे आग गई। 15 फीट की गाड़ी पिचककर 6 फीट की बची। गाड़ी में ड्राइवर की स्टेयरिंग, छत और सीटबेल्ट के पास लगे तीनों एयरबैग खुले लेकिन फट गए। हादसे के बाद आसपास के लोग जुटे। पुलिस को सूचना दी गई। स्कार्पियो, ट्रक में बुरी तरह फंस गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाड़ी चला रहे अजीत के शरीर में इंजन के पार्ट्स घुस गए थे। एयरबैग फटने से आगे बैठी उनकी मां प्रेमशीला और और अजीत के सिर फट गए थे। जबकि पिछली सीट पर बैठी दादी चंद्रावती और चाची निशा भी कार में फंसी हुई थीं। पिछली सीट पर बैठी बहन रिया गंभीर रूप से घायल थी। उसे अस्पताल पहुंचाया गया। जहां से उसे कानपुर रेफर किया गया है। क्रेन से डीसीएम उठाई तब निकाला अजीत का शव अंदर फंसे 2 शवों को गाड़ी का पिछला दरवाजा खोलकर निकाला गया। जबकि अजीत का शव ड्राइविंग सीट और इंजन के बीच में फंसा हुआ था। आगे बैठी दादी का शव भी डैशबोर्ड और सीट के बीच फंसा था। दोनों शवों को निकालने के लिए क्रेन मंगवाया गया। एक क्रेन से ट्रक को बांधकर उठाया गया। जबकि दूसरी क्रेन से कार को पीछे खिसकाया गया। इसके बाद ड्राइविंग सीट पर फंसे अजीत के शव को बाहर निकाला गया। फिर दादी का शव निकाला जा सका। अजीत के परिवार में पत्नी-दो बच्चे बांदा पहुंचे अजीत के रिश्तेदारों ने बताया- अजीत के पिता की राम विनय विश्वकर्मा की कई साल पहले मौत हो चुकी है। दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। अजीत की शादी 8 साल पहले निशा के साथ हुई थी। दोनों का 7 साल का बेटा और 6 साल की बेटी है। हादसे के बाद परिवार में अजीत पत्नी और बच्चे बचे हैं। एसपी बोले- डीसीएम चालक पर दर्ज करेंगे केस एसपी पलाश बंसल ने बताया- हादसे में 4 लोगों की मौत हुई है। परिजनों से संपर्क कर उन्हें बुलाया गया है। घायल युवती सदमे में होने के कारण हादसे के बारे में कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं है। उसे कानपुर रेफर किया गया है। हादसे के बाद डीसीएम चालक फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। ——
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