लुधियाना के डाइंग कारोबार से जुड़े उद्यमी टीआर मिश्रा ने बुड्ढा दरिया में फैल रहे प्रदूषण पर अहम खुलासे किए। टीआर मिश्रा का दावा है कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर डाइंग उद्यमियों से मंथली लेते हैं। PPCB के छोटे से लेकर बड़े अफसर अरबपति हो गए हैं। वो यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा कि राज्यपाल भी बुड्ढा दरिया का प्रदूषण नहीं रोक सकते जब तक पीपीसीबी के अफसर मंथली लेना बंद नहीं करते। मिश्रा का कहना है कि उद्यमी या तो पानी ट्रीट करेंगे या अफसरों को रिश्वत देंगे। दोनों में से एक काम होगा। अफसर रिश्वत लेते हैं तो अफसर भी पानी को बिना ट्रीट किए बुड्ढा दरिया में डाल देते हें। कारोबारी के दावों के बाद बुड्ढा दरिया को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए बनी कमेटी के पूर्व सदस्य व पब्लिक एक्शन कमेटी के फाउंडर मेंबर रिटायर्ड कर्नल जेएस गिल ने गवर्नर लेटर लिखकर कारोबारी के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है। कर्नल जेएस गिल ने गवर्नर को लिखे पत्र में लिखी ये अहम बातें… टीआर मिश्रा भ्रष्टाचार के आरोपी में आईएएस को करा चुके हैं गिरफ्तार टीआर मिश्रा ने 2009 में तात्कालिक उद्योग विभाग के डायरेक्टर आईएएस अधिकारी बीके जंजुआ को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार करवाया था। टीआर मिश्रा वीके जंजुआ के खिलाफ कानूनी लड़ाई अब भी लड़ रहे हैं। 2015 में, एक विशेष अदालत ने जंजुआ को इस तकनीकी आधार पर बरी (डिस्चार्ज) कर दिया था कि केंद्र सरकार के बजाय राज्य सरकार (राज्यपाल) द्वारा केस चलाने की मंजूरी दी गई थी। टीआर मिश्रा ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। इसी बीच बीके जंजुआ लगातार प्रमोट होते रहे और वो पंजाब के चीफ सेक्रेटरी तक बन गए। टीआर मिश्रा उनके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ते रहे। वो 2023 में रिटायर हो गए। फरवरी 2026 में केंद्र सरकार ने बीके जंजुआ के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी दे दी है और अब इस मामले में केस चल रहा है।