सीबीएसई स्कूलों में गूंजेगा नवाचार का मंत्र, छात्र बनेंगे भविष्य के ग्लोबल इनोवेटर

भास्कर न्यूज | जालंधर सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने भारत को वैश्विक नवाचार शक्ति के रूप में स्थापित करने और छात्रों में शोध की प्रवृत्ति जगाने के लिए ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं कि वे मई और जून 2026 के दौरान छात्रों और शिक्षकों के बीच नवाचार और तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित करें। बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, स्कूलों में इनोवेशन और भारत के बदलते तकनीकी परिदृश्य पर विशेष सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इनमें छात्रों को स्टार्टअप और नई रिसर्च की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, ‘डीप टेक’ जैसे जटिल विषयों पर विशेष कक्षाएं लगेंगी, ताकि विद्यार्थी भविष्य की तकनीकों को समझ सकें। छात्रों की तकनीकी समझ परखने के लिए ‘भारत के नवाचार को कौन जानता है?’ विषय पर क्विज और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी। ‘भारत इनोवेट्स 2026’ एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसका मुख्य आयोजन 14 से 16 जून 2026 तक फ्रांस के नीस शहर में होगा। इस अंतरराष्ट्रीय मंच का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति संयुक्त रूप से करेंगे। इस कार्यक्रम में एआई, सेमी-कंडक्टर, बायोटेक, स्पेस टेक और डिफेंस इनोवेशन सहित 13 प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सीबीएसई का उद्देश्य है कि इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को अभी से इन उभरती तकनीकों और नवाचार आधारित करियर के लिए तैयार किया जा सके। गर्मी की छुट्टियों को रचनात्मक बनाने के लिए सीबीएसई ने स्कूलों को ‘इनोवेटिव हॉलिडे होमवर्क’ देने की सलाह दी है। छात्रों को ऐसे असाइनमेंट, छोटे प्रोजेक्ट और रिसर्च मॉडल बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जो विज्ञान और तकनीक पर आधारित हों। जून 2026 में स्कूल खुलने पर इन कार्यों की प्रदर्शनियां और प्रेजेंटेशन आयोजित की जाएंगी। इस अभियान को डिजिटल रूप देने के लिए सीबीएसई ने छात्रों को छोटे वीडियो और रील्स बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। इन गतिविधियों के वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते समय बोर्ड के आधिकारिक हैंडल्स को टैग करना अनिवार्य होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *