पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत मोगा जिला प्रशासन गेहूं की नरवाई को आग लगाने के बजाय खेतों में ही उसके प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक कर रहा है। नरवाई जलाने की घटनाओं को कम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।डिप्टी कमिश्नर मोगा सागर सेतिया ने बताया कि अधिकारियों को लगातार फील्ड में निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को गेहूं की नरवाई को खेतों में ही मिलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। गेहूं की नरवाई में आग लगने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने नोडल अधिकारियों, क्लस्टर अधिकारियों, एस.डी.एम. के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कृषि अधिकारियों को प्रभावी ढंग से काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नरवाई जलाने से जीव-जंतुओं को खतरा होता है और जमीन की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है। डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को लगातार फील्ड का दौरा करने, हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों या गांवों पर विशेष निगरानी रखने और सेमिनार आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी गांवों में जाकर लोगों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करें ताकि उन्हें आग लगाने से होने वाले नुकसान के बारे में सही जानकारी दी जा सके। इसके अतिरिक्त, डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने लोगों से अपील की है कि वे गेहूं की नरवाई को जलाने के बजाय उसका खेतों में ही निपटारा करें।