यमुनानगर जिले के रादौर क्षेत्र के गांव भूरे का माजरा में पूर्व सरपंच ऋषिपाल के घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में पुलिस जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार हुआ आरोपी अमन अब अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुका है। बुधवार को पुलिस उसे निशानदेही के लिए गांव फरीदपुर मोड़ के पास लेकर पहुंची। यहां तेज गर्मी और प्लास्टर चढ़ी टांग के बावजूद आरोपी से सड़क पर घिस्सी (सड़क पर घिसट-घिसटकर चलना ) लगवाई गई। करीब 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच पुलिस आरोपी को गाड़ी से उतारकर वारदात से जुड़े स्थान तक लेकर गई। ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर लगभग 15 मीटर तक आरोपी ने जमीन पर करीब 35 घिस्सियां लगाईं। इस दौरान पुलिस टीम ने उससे मुठभेड़ वाली रात की घटनाओं और फायरिंग केस से जुड़े कई बिंदुओं पर पूछताछ की। आरोपी ने पुलिस को मौके पर पूरी वारदात का घटनाक्रम बताया। 60 हजार रुपए के लालच में बना शूटर आरोपी अमन से पूछताछ में सामने आया है कि उसे इस वारदात को अंजाम देने के लिए 60 हजार रुपए का लालच दिया गया था। इसी लालच में आकर उसने अपने गांव के ही दो अन्य दोस्तों को भी इस फायरिंग में शामिल कर लिया था। सूत्रों के अनुसार, तीनों युवकों से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया गया था। बताया जा रहा है कि गैंगस्टर नोनी राणा गैंग से जुड़े लोगों ने इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पहले इन युवकों से बातचीत शुरू की। इसके बाद फिर उन्हें पैसों का लालच देकर वारदात के लिए तैयार किया। बकायदा इंस्टाग्राम मैसेज में फायरिंग के निर्देश दिए गए। पुलिस- बदमाश के बीच हुई थी 15 राउंड फायरिंग दरअसल, सीआईए-2 की टीम ने गांव भूरे का माजरा फायरिंग केस के बाद 5 मई को गांव कुलपुर के पास मुठभेड़ के दौरान आरोपी अमन को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने पहले पल्सर बाइक पर सवार आरोपी अमन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने बाइक से भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। दोनों तरफ से करीब 10 से 15 राउंड फायरिंग हुई। इसी दौरान एक गोली एसआई रोहन की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी अमन के बाएं पैर में गोली लगी और वह घायल होकर सड़क पर गिर गया। आरोपी के कब्जे से अवैध हथियार, दो जिंदा कारतूस और बाइक बरामद की गई थी। पानीपत का रहने वाला है आरोपी, गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ाव गिरफ्तार आरोपी की पहचान पानीपत जिले के गांव गोयल खुर्द निवासी अमन के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि वह गैंगस्टर काला राणा और नोनी राणा नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और भूरे का माजरा फायरिंग केस में सक्रिय भूमिका निभा चुका है। डीएसपी रजत गुलिया के अनुसार शुरुआती जांच में आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस को आशंका है कि यह केवल तीन शूटरों तक सीमित मामला नहीं बल्कि इसके पीछे एक बड़ा गैंग नेटवर्क सक्रिय है। क्या था भूरे का माजरा फायरिंग केस 25-26 अप्रैल की रात गांव भूरे का माजरा में पूर्व सरपंच ऋषिपाल के बंद पड़े मकान पर बदमाशों ने 16 से 17 राउंड फायरिंग की थी। गोलियों की आवाज सुनकर सामने रहने वाला ऋषिपाल का साला अंकित बाहर आया तो बदमाशों ने उसकी तरफ भी गोलियां चलाईं। हालांकि अंकित बाल-बाल बच गया। पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। फुटेज में बाइक सवार युवक मकान पर अंधाधुंध गोलियां चलाते और मौके से भागते दिखाई दिए थे। इसके बाद अंकित ने पुलिस को दिए बयान में नोनी राणा गैंग पर शक जताया था। गैंगवार, रंगदारी और ठगी के एंगल पर जांच यह मामला उस समय और अधिक चर्चाओं में आया जब जांच में सामने आया कि जिस पूर्व सरपंच के घर पर फायरिंग हुई, वह खुद पहले से एक बड़े ठगी मामले में फरार चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने इस वारदात को केवल आपसी रंजिश नहीं, बल्कि गैंगवार, रंगदारी और आर्थिक विवादों से जोड़कर भी जांच शुरू कर दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने वाले युवकों को सोशल मीडिया के जरिए गैंग से जोड़ा गया था। उन्हें पैसों का लालच देकर फायरिंग में शामिल किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार किसने उपलब्ध करवाए, रेकी किसने करवाई और पूरे ऑपरेशन को पीछे से कौन संचालित कर रहा था। कई और लोग रडार पर पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हैं। किसी ने शूटरों को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया, किसी ने लोकेशन और रेकी की जानकारी उपलब्ध करवाई, जबकि कुछ लोग आर्थिक मदद पहुंचाने में लगे थे। सीआईए-2 इंचार्ज राकेश के अनुसार इस केस में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि अमन से रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ में गैंग नेटवर्क से जुड़े कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।