तीन मई को भव्य 1008 कुण्डीय हनुमान चालीसा महायज्ञ; श्रद्धालु डालेंगे आहुतियां

भास्कर न्यूज | अमृतसर अमृतसर की फिजाओं में आगामी 3 मई को भक्ति और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। चिन्मय मिशन अपनी स्थापना के 75वें गौरवशाली वर्ष के उपलक्ष्य में ‘चिन्मय अमृत महोत्सव 2026′ मनाने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर अमृतसर में पहली बार भव्य ‘1008 कुण्डीय समष्टि हनुमान चालीसा हवन यज्ञ’ का आयोजन किया जाएगा। शास्त्री नगर स्थित डीएवी कॉलेज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के विशाल मैदान में होने वाले इस महायज्ञ में करीब 10 हजार श्रद्धालु एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ कर शहर की शांति और समृद्धि की कामना करेंगे। इस आध्यात्मिक समागम में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उनके साथ चिन्मय मिशन नोएडा के प्रमुख स्वामी चिद्रूपानंद जी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। चिन्मय मिशन अमृतसर के अध्यक्ष अविनाश महेन्द्रू ने बताया कि इस आयोजन का मूल संकल्प ‘चैंट अमृतसर, शांत अमृतसर’ है, ताकि सामूहिक प्रार्थना के जरिए समाज में सकारात्मक ऊर्जा और शांति का संचार हो सके। कार्यक्रम में केवल हवन ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रंग भी बिखेरेंगे। हनुमान जी के शक्ति, भक्ति और सेवा के आदर्शों को दर्शाने के लिए एक विशेष ‘नृत्य नाटिका’ (डांस एंड ड्रामा) का मंचन किया जाएगा। प्रोजेक्ट चेयरमैन प्रिंसिपल जेपी शूर के अनुसार हनुमान जी आज के युवाओं के लिए ‘आइकन’ हैं। इस नाटिका का उद्देश्य युवाओं को भारतीय शास्त्रों, विशेषकर श्रीमद्भगवदगीता के संदेशों से जोड़ना और उनमें नैतिक मूल्यों का संचार करना है। महोत्सव के दौरान मिशन की उन गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला जाएगा जो समाज के हर वर्ग को अध्यात्म से जोड़ती हैं। इनमें बच्चों के लिए ‘बाल विहार, युवाओं के लिए चिन्मय युवा केंद्र’ और वरिष्ठ नागरिकों के लिए वानप्रस्थ संस्थान शामिल हैं। मिशन के सचिव अश्वनी मल्होत्रा ने बताया कि अमृतसर में समय-समय पर साप्ताहिक ग्रुप स्टडी और नियमित ज्ञान यज्ञों का आयोजन किया जाता है, ताकि गीता का ज्ञान जन-जन तक पहुंचे।

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