दूसरी शादी की जिद में इकलौते बेटे का कत्ल:बोला- लड़के को मार आया हूं, फिर सल्फास निगला; लुधियाना के रिटायर्ड फौजी के सुसाइड की कहानी

महिला को छोड़ दो, आपकी उम्र 56 साल हो चुकी, इसे घर लाओगे तो बदनामी होगी…इकलौते बेटे की यही बात पिता को इतनी नागवार गुजरी कि विवाद गोलियों तक पहुंच गया। पिता ने सड़क पर दौड़ाकर मर्डर किया, फिर खुद सुसाइड कर लिया। लुधियाना में पिता और बेटे के बीच पिछले तीन साल से चल रहा विवाद खूनी अंत तक पहुंच गया। पत्नी की मौत के बाद अकेलेपन और डिप्रेशन से जूझ रहा रिटायर्ड फौजी एक महिला के साथ नया जीवन शुरू करना चाहता था, लेकिन उसका बेटा इसका लगातार विरोध कर रहा था। बेटे को पिता के महिला से संबंधों पर एतराज था, जबकि पिता बेटे की नशे की लत से परेशान था। इसी बात को लेकर घर में रोज झगड़े, मारपीट और गाली-गलौज होने लगी थी। रविवार रात दोनों खाना खा रहे थे। इसी दौरान पुरानी बातों को लेकर बहस शुरू हुई, जो धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि गुस्से में पिता ने अपनी लाइसेंसी बंदूक उठा ली। पहली गोली घर के अंदर चली, जिसके बाद बेटा जान बचाने के लिए नंगे पैर गली में भागा। वह करीब 200 मीटर तक लोगों से मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन पीछे से बंदूक लेकर दौड़ रहे पिता ने उस पर दो और गोलियां चला दीं। गोली लगते ही बेटा सड़क पर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी पिता शांत होकर वापस घर लौट आया। उसने कहा- देखो, मैं अपने लड़के को मार आया हूं। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो पिता घर के अंदर बेसुध हालत में मिला। उसने सल्फास निगला हुआ था। जिससे उसकी भी मौत हो गई। पत्नी की मौत के बाद रिटायर्ड फौजी कैसे महिला के संपर्क में आया, बेटे को संबंधों का पता कैसे चला, दोनों में विवाद कैसे बड़ा..जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट… पढ़िए कैसे बड़ा पिता-बेटे में विवाद घर पर इकलौता बेटा, बेटियों विदेश में रहतीं: मामला 10 मई रात न्यू अग्र नगर का है। फौज से हवलदार के पद से रिटायर होने के वाद से सुरिंदर सिंह एक प्राइवेट बैंक में गार्ड था। उसका इकलौता गुरशरण सिंह पेशे से ड्राइवर था। उसकी दो बेटियां है, इसमें पुष्पिंदर इंग्लैंड और हरप्रीत कौर कनाडा में रहती हैं। 5 साल पहले पत्नी की मौत के बाद घर में पिता-पुत्र ही अकेले रह गए थे। पत्नी की मौत के बाद डिप्रेशन में आया: रिश्तेदारों ने कहा कि सुरिंदर सिंह फौज से करीब 25 साल पहले रिटायर हुआ। उसके बाद वो अलग-अलग बैंकों में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करता रहा। पांच साल पहले पत्नी की मौत हुई तो वो डिप्रेशन में आ गया। उधर, बेटा नशा करने लगा। जिससे वो और ज्यादा परेशान हो गया। महिला से हुई दोस्ती: सुरिंदर सिंह बैंक में सिक्योरिटी गार्ड था, तो इसी दौरान उसकी एक महिला से मुलाकात हुई और दोनों की आपस में दोस्ती हो गई। तीन साल से दोनों की दोस्ती काफी गहरी हो गई और अब सुरिंदर सिंह उसे घर लाना चाहता था। जमीन बेचकर महिला को दी रकम: रिश्तेदार बताते हैं कि सुरिंदर सिंह ने अपनी एक जमीन बेची और उससे जो रकम मिली वो उसने महिला को दी। परिवार को तब उसके संबंधों के बारे में पता चला। जिसके बाद बेटियों व बेटे ने एतराज जताया। रिश्तेदारों के मुताबिक बेटे गुरशरण सिंह को पिता के इस अवैध संबंध पर एतराज था। वो बार-बार पिता को रोक रहा था, लेकिन पिता रूकने को तैयार नहीं था। गुरशरण भी उसके बाद नशे करने लगा। नशा छुड़ाओ केंद्र में भर्ती करवाना चाहता था: सुरिंदर सिंह और उसके बेटे गुरशरण सिंह के बीच काफी विवाद होने लगा, तो पिता सुरिंदर सिंह बेटे को नशा छुड़ाओ केंद्र में भर्ती करवाना चाहता था, ताकि वो महिला को घर ला सके। बेटे ने महिला को छोड़ने का दबाव डाला: सुरिंदर सिंह पर उसका बेटा गुरशरण महिला को छोड़ने का दबाव डाल रहा था। वो पिता को समझाता रहता था कि 65 साल की उम्र में अगर ऐसे किसी भी महिला को अपने साथ लाएंगे तो बदनामी होगी। जबकि सुरिंदर सिंह बेटे की बात मानने को तैयार नहीं था। जानिए पिता ने कैसे बेटे को मारा… खाने की मेज पर हुआ विवाद: रविवार रात को दोनों डिनर कर रहे थे। दोनों ही नशा किए थे, पुरानी बातों को लेकर बहस शुरू हो गई। विवाद की मुख्य जड़ पिता की दूसरी शादी करने की जिद थी। पिता महिला के साथ घर बसाना चाहता था, जिसका बेटा कड़ा विरोध कर रहा था। बहस इतनी बढ़ी कि पिता ने आपा खो दिया और अपनी लाइसेंसी 12 बोर की दोनाली बंदूक उठा ली। 200 मीटर भागा बेटा, चीखों से कांपा इलाका: पिता ने पहली गोली घर के अंदर ही चला दी। बेटा बाल-बाल बचा और जान बचाने के लिए नंगे पैर बाहर गली की ओर भागा। वह करीब 200 मीटर तक बदहवास होकर भागता रहा और चिल्लाता रहा बचाओ मेरे पिता मुझे मार डालेंगे, वो गोली चला रहे हैं। मगर पीछे से आ रहे पिता के सिर पर खून सवार था। उसने पीछा करते हुए बेटे पर दो और गोलियां दागीं। गोली लगते ही बेटा लहूलुहान होकर सड़क के बीचों-बीच गिर पड़ा और राहगीर ने उसे देखा बंदूक हाथ में लेकर दौड़ा पिता: इलाके के लोगों ने बताया कि घर में पिछले 3 साल से क्लेश चल रहा था। रविवार की रात जब गोलियां चलीं तो पहले लोगों को लगा कि पटाखे फोड़े जा रहे हैं, लेकिन जब बेटे की चीखें सुनीं तो पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया। किसी की हिम्मत नहीं हुई कि बंदूक थामे पिता को रोक सके। कत्ल करने के बाद फिर खुद को दी मौत की सजा: बेटे की हत्या करने के बाद आरोपी पिता शांत अवस्था में वापस घर पहुंच गया। लोगों के अनुसार, घर पहुंचने पर उसने कहा- देखो, मैं अपने लड़के को मार आया हूं। जब पुलिस जांच के लिए घर पहुंची तो आरोपी पिता घर के अंदर बेसुध हालत में पड़ा मिला। इसके बाद उसे तुरंत सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसने सल्फास निगल लिया था। मामले की जांच कर रही पुलिस एडीसीपी देव सिंह ने कहा कि शुरुआती जांच में घरेलू विवाद और पिता की दूसरी शादी की बात सामने आई। पुलिस ने 103 BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों के नशे के आदी होने की बात की भी पुष्टि की जा रही है। जांच होने के बाद ही कुछ कहा जा सकात है। ********* ये खबर भी पढ़ें: लुधियाना में बेटे को सड़क पर दौड़ाकर गोलियां मारीं:रिटायर्ड फौजी पिता ने खुद भी सल्फास निगला, दोनों की मौत; दूसरी शादी को लेकर झगड़ते थे
लुधियाना में रविवार रात घरेलू विवाद में एक रिटायर्ड फौजी पिता ने अपने ही इकलौते बेटे को बीच सड़क गोलियों से भून दिया। उसने बेटे को घर से लेकर सड़क तक गोलियां मारीं, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पिता घर लौटा और खुद भी जहर (सल्फास) निगल लिया, जिससे उसकी भी मौत हो गई। दोनों दूसरी शादी को लेकर झगड़ते थे। (पढ़ें पूरी खबर)

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