देवरिया में प्रेमी-प्रेमिका की मौत:सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिले थे, दोनों का परिवार रिश्ते का कर रहा था विरोध

देवरिया-कसया मार्ग पर भीमपुर गौरा गांव के पास रविवार शाम सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिले एक युवक और एक युवती की मौत हो गई। युवती ने देवरिया मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ा, जबकि युवक की गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मृत्यु हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। रविवार शाम करीब सात बजे राहगीरों ने दोनों को अचेत अवस्था में देखा। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए, राहगीरों ने एक टेंपो की मदद से उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने युवती को मृत घोषित कर दिया। युवक की नाजुक हालत के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। मृतका की पहचान अंशु यादव (19) पुत्री जवाहिर यादव, निवासी त्रिलोकवा, थाना कटया, जिला गोपालगंज (बिहार) के रूप में हुई है। वह अपनी बहन के घर पथरदेवा कस्बे में रहती थी। अंशु के पिता जवाहिर यादव फकहां के इंद्रानगर चौराहे पर मेडिकल स्टोर चलाते हैं। युवक की पहचान विशाल सोनकर (22) पुत्र धरम सोनकर, निवासी वार्ड नंबर नौ, संगम मोहल्ला, पथरदेवा, थाना तरकुलवा के रूप में हुई। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान विशाल ने भी दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर दोनों परिवारों में दुख का माहौल है। मेडिकल कॉलेज परिसर में देर रात तक परिजनों और रिश्तेदारों की भीड़ लगी रही। पुलिस ने युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि युवक के शव का पोस्टमार्टम गोरखपुर में कराया जाएगा। विशाल के पिता धरम सोनकर कस्बा में फल बेचने का काम करते हैं। जहरीला पदार्थ खाने की आशंका
घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवक और युवती के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे से अक्सर बातचीत करते थे। बताया जा रहा है कि युवती अपनी बहन के घर पथरदेवा कस्बे में रहती थी, जहां युवक का भी घर पास में था। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। चर्चा है कि दोनों के संबंधों का परिवार के लोग विरोध कर रहे थे। इसी वजह से दोनों तनाव में थे। हालांकि पुलिस ने अभी तक प्रेम प्रसंग या आत्महत्या की किसी बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों सड़क किनारे बेहोशी की हालत में पड़े थे। मौके पर किसी तरह के संघर्ष के निशान नहीं मिले। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि दोनों ने जहरीला पदार्थ खाया हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद आसपास के गांवों और कस्बों में दिनभर इसी मामले की चर्चा होती रही। लोगों का कहना है कि यदि परिवारों के बीच बातचीत होती तो शायद दोनों की जान बच सकती थी। वहीं कुछ लोग इसे सामाजिक दबाव और पारिवारिक विरोध से जोड़कर भी देख रहे हैं। राहगीरों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया
रविवार शाम जब राहगीरों ने दोनों को सड़क किनारे अचेत अवस्था में देखा तो पहले लोग घबरा गए। बाद में लोगों ने एक टेंपो रोककर दोनों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। युवती की हालत इतनी गंभीर थी कि डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। युवक को भी गंभीर हालत में गोरखपुर भेजा गया, लेकिन वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों की पहचान कराने में जुट गई। कुछ देर बाद युवक और युवती के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। युवती की मौत की खबर मिलते ही उसकी बहन बदहवास हो गई। वहीं युवक के परिवार में भी मातम छा गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों की उम्र काफी कम थी और इस तरह की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। घटना के बाद भीमपुर गौरा गांव के आसपास देर रात तक लोगों की भीड़ जुटी रही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में पुलिस पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
पुलिस ने युवती के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं युवक की मौत के बाद गोरखपुर से भी रिपोर्ट मंगाई जा रही है। पुलिस अब दोनों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और परिवार के लोगों से पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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