पंचकूला कांग्रेस मेयर टिकट पर फंसा पेंच:सुधा के फेवर में चंद्रमोहन-सैलजा, रावल के लिए CLP नेता, बीच का रास्ता निकालने का प्रयास

हरियाणा के पंचकूला में नगर निगम मेयर की टिकट पर कांग्रेस में पेंच फंस गया है। सोनीपत व अंबाला में तो पार्टी ने प्रत्याशी घोषित कर दिए लेकिन पंचकूला को लेकर निर्णय नहीं हो सका। वजह स्थानीय राजनीति बन गई है। जिसके चलते अब फैसला पार्टी हाईकमान पर छोड़ दिया गया है। पंचकूला में पार्टी के पास मुख्य तौर पर दो नाम हैं, जिनमें से एक पर फैसला किया जाना है। कांग्रेस में पंजाबी समुदाय की ओर से पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रविंद्र रावल तथा ब्राह्मण समुदाय से सुधा भारद्वाज टिकट मांग रही हैं। रावल के समुदाय के वोटरों की संख्या करीब 50 हजार तथा सुधा के समुदाय की वोट करीब 15 हजार हैं। लेकिन सुधा को कांग्रेस MLA चंद्रमोहन का साथ मिल रहा है। ऐसे फंस गया टिकट पर पेंच कांग्रेस की चुनाव कमेटी की मीटिंग में प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र ने बताया कि टिकट के लिए 12 आवेदन आए हैं। सभी के नाम पढ़े गए तो चंद्रमोहन एकाएक खड़े हो गए तथा रविंद्र रावल के नाम का विरोध कर दिया। चंद्रमोहन ने कहा कि रावल को पार्टी ने नोटिस दिया है, ऐसे में उनकी चर्चा नहीं होनी चाहिए। जिसके बाद मीटिंग में मौजूद नेताओं ने उनसे नाम मांगा तो उन्होंने सुधा भारद्वाज का नाम प्रस्तावित कर दिया। जिसके बाद सिरसा सांसद कुमारी सैलजा से पूछा गया तो उन्होंने भी चंद्रमोहन की पसंद पर अपनी सहमति जता दी। जिला कमेटी से जब चर्चा हुई तो पंजाबी समुदाय के वोटों की संख्या का जिक्र करते हुए रविंद्र रावल के नाम पर सहमति जताई गई लेकिन सुधार भारद्वाज का विरोध भी नहीं किया गया। जिसके बाद CLP लीडर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी रविंद्र रावल के नाम पर अपनी मुहर लगाई। लेकिन आम सहमति नहीं बन पाने के कारण मामला अटक गया। अब जानिए कौन हैं रविंद्र रावल व सुधा भारद्वाज दो की लड़ाई में तीसरा न मार जाए बाजी जिस प्रकार से दोनों नाम पर दोनों तरफ से तकरार चल रही है। उससे ऐसा भी लग रहा है कि कहीं कोई तीसरा न बाजी मार जाए। क्याेंकि पार्टी के भीतर चर्चाएं हैं कि दोनों पर सहमति नहीं बन पाती है तो वैश्य समुदाय के कैंडिडेट पर विचार किया जा सकता है। एक बड़े नेता के बेटे का नाम भी इसमें चल रहा है।

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