न्यूजीलैंड सरकार ने इमिग्रेशन पॉलिसी में बदलाव किए हैं, जिनका असर भारतीयों खासकर पंजाबियों पर दिखने लगा है। एक हफ्ते के भीतर पंजाब के दो लोगों को देश में एंट्री के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जबकि 42 फीसदी स्टूडेंट वीजा रद्द होने की बात सामने आई है। नए नियमों के तहत वीजा फीस में भी बढ़ोतरी की गई। इसके अलावा खाते में 11.20 लाख रुपए फंड दिखाना जरूरी कर दिया गया है। पढ़ाई के बाद सिर्फ एक बार वर्क परमिट मिलेगा। साथ ही अंग्रेजी टेस्ट अनिवार्य किया गया है, अब क्लीनर, फैक्ट्री वर्कर या ड्राइवर के लिए भी अंग्रेजी टैस्ट पास करना जरूरी है। अगर सरप्राइज इंटरव्यू में फेल हुए, तो सीधा डिपोर्ट कर दिया जाएगा। एक रिपोर्ट के अुनसार, 2026 के बीच न्यूजीलैंड के वर्क वीजा रिजेक्शन में भारी उछाल आया है। हर 10 में से 3 से 4 भारतीयों के वर्क वीजा रिजेक्ट हो रहे हैं। न्यूजीलैंड में हर साल पंजाब से करीब 10 हजार स्टूडेंट्स स्टडी वीजा पर जाते हैं। इसी तरह से वर्क परमिट पर सालाना 35 हजार के करीब युवा न्यूजीलैंड पहुंचते हैं। इमिग्रेशन नियमों में क्या बदलाव हुआ, वीजा रिजेक्ट होने का कारण क्या है, किन्हें वीजा मिलेगा, इसका लोगों पर कितना असर है…जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट… इमिग्रेशन नियमों में क्या बदलाव हुआ… स्टूडेंट वीजा रिफ्यूजल के मुख्य कारण छुट्टी से वापसी वालों पर सख्ती क्यों… ************* ये खबर भी पढ़ें: पंजाबी युवक मलेशिया में फंसा: 8 दिन पहले दिल्ली एयरपोर्ट से लौटाया गया था; VIDEO जारी कर बोला- भूखा हूं, पैसे भी खत्म हो गए जालंधर का रहने वाला एक युवक पिछले 8 दिन से भूखा-प्यासा मलेशिया एयरपोर्ट पर बैठा है। युवक ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो अपलोड कर जानकारी दी। युवक ने बताया कि उसकी उम्र 23 साल है और नाम आकाश है। वह 8 दिनों से मलेशिया के कुआलालंपुर एयरपोर्ट पर फंसा है। (पढ़ें पूरी खबर)