13 साल बाद अपने देश लौट रहा था, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट पर मुझे भारतीय मानने से ही इनकार कर दिया गया। आधार कार्ड दिखाया, सब समझाया, फिर भी अधिकारियों ने कहा- क्या तुम पाकिस्तान से आए हो? ये कहना है कि 16 दिन मलेशिया में फंसे रहने के बाद जालंधर लौटे युवक का। उसने बताया कि न्यूजीलैंड से एयर मलेशिया की फ्लाइट ली थी। 24 अप्रैल को जैसे ही वह दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा तो यहां उसे डॉक्यूमेंट चेक करने के लिए रोक लिया गया। उसने अपने सभी दस्तावेज अधिकारियों को दे दिए। इस दौरान अंदर से एक महिला कर्मी आई और मोबाइल जब्त करवाने के लिए कहने लगी। जब उसे कहा गया कि रिटन में डॉक्यूमेंट दें और मोबाइल ले लें। इस पर महिला बहस करने लगी और धमकाया कि मैं तुम्हें बताती हूं कि तुम्हें एंट्री कैसे मिलती है। बहस की खुन्नस में अधिकारियों ने मेरे डॉक्यूमेंट को वैध नहीं माना और फिर से एयर मलेशिया की फ्लाइट में चढ़ा दिया। जिससे उसे 16 दिन परेशानी का सामना करना पड़ा। युवक ने कहा कि न्यूजीलैंड में जब भी वहां से लोग नस्लीय टिप्पणी करते थे, तो मैं भारत के लिए उनसे भिड़ जाता था, कई बार बेगाने मुल्क में थप्पड़ भी खाए। 13 साल बाद दिल्ली आकर अहसास हुआ कि मैं इस देश के लिए थप्पड़ खा रहा था, जहां लोगों में इतनी ईगो है। युवक की जुबानी, पढ़ें पूरी कहानी…. पंजाब लौटे युवक ने बताई पूरी कहानी… 5 पॉइंट में जानिए आकाश के फंसने की कहानी… ************ ये खबर भी पढ़ें: पंजाबी युवक मलेशिया में फंसा: 8 दिन पहले दिल्ली एयरपोर्ट से लौटाया गया था; VIDEO जारी कर बोला- भूखा हूं, पैसे भी खत्म हो गए जालंधर का रहने वाला एक युवक पिछले 8 दिन से भूखा-प्यासा मलेशिया एयरपोर्ट पर बैठा है। युवक ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो अपलोड कर जानकारी दी। युवक ने बताया कि उसकी उम्र 23 साल है और नाम आकाश है। वह 8 दिनों से मलेशिया के कुआलालंपुर एयरपोर्ट पर फंसा है। (पढ़ें पूरी खबर)