पंजाब निकाय चुनाव से पहले राशन किट विवाद:बाजवा ने इलेक्शन कमीशन को लिखा पत्र, आरोप- मुख्यमंत्री की फोटो लगाने का विरोध

पंजाब में निकाय चुनाव से पहले राजनीति गरमा गई है। पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य चुनाव आयोग को पत्र लिखकर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि मतदान से ठीक एक दिन पहले मुख्यमंत्री की तस्वीर वाली राशन किट बांटने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह काम उस समय किया जाएगा, जब चुनाव प्रचार पूरी तरह बंद हो चुका होगा। बाजवा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कल्याणकारी योजनाओं को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि “साइलेंस पीरियड” के दौरान इस तरह की गतिविधियां मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश मानी जा सकती हैं। चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग नेता प्रतिपक्ष ने राज्य चुनाव आयोग से मामले में हस्तक्षेप करने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सबसे जरूरी हैं और किसी भी कीमत पर उनकी पवित्रता बनाए रखी जानी चाहिए। बाजवा ने आरोप लगाया कि सरकारी संसाधनों और योजनाओं का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने आयोग से इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की अपील की। निकाय चुनाव से पहले बढ़ा सियासी माहौल पंजाब में नगर निगम और नगर परिषद चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। सभी प्रमुख दल चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। ऐसे में राशन किट वितरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब नया राजनीतिक मुद्दा बनता दिख रहा है। विपक्ष लगातार आम आदमी पार्टी सरकार पर सरकारी योजनाओं के प्रचार के जरिए चुनावी फायदा लेने का आरोप लगा रहा है, जबकि सत्तापक्ष अभी तक इस मामले पर खुलकर सामने नहीं आया है। साइलेंस पीरियड को लेकर उठे सवाल चुनाव नियमों के अनुसार मतदान से पहले निर्धारित समय में प्रचार गतिविधियों पर रोक रहती है। इसी अवधि को “साइलेंस पीरियड” कहा जाता है। विपक्ष का कहना है कि इस दौरान मुख्यमंत्री की तस्वीर वाली राशन किट बांटना आचार संहिता की भावना के खिलाफ हो सकता है।

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