तरनतारन पुलिस की तरफ से गुरदासपुर से गिरफ्तार SDM डॉ. अनुप्रीत कौर रंधावा की प्रोफेशनल से लेकर पर्सनल लाइफ विवादों में घिरी रही। 2012 में पंजाब सिविल सर्विस (PCS) एग्जाम क्लियर करने के बाद उसे पहली इंडिपेंडेंट पोस्टिंग तरनतारन के पट्टी में मिली। वहीं उन पर 1.63 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगा। जिसमें शनिवार को उनकी गिरफ्तारी हुई। जिसके बाद देर शाम पट्टी कोर्ट में पेश कर उनका 20 मई तक का पुलिस रिमांड लिया गया है। DSP रविशेर सिंह ने इसकी पुष्टि की। डॉ. रंधावा पर आरोप है कि उनके कार्यकाल में जम्मू-राजस्थान हाईवे जमीन अधिग्रहण में 1.63 करोड़ रुपए का गबन हुआ। 5 खातों में ये पैसा डाला गया। इसमें एक खाता एसडीएम के भाई का होने का भी दावा है। अमृतसर में जन्मीं डॉ. अनुप्रीत कौर ने MBBS की पढ़ाई की है। 2012 बैच की पंजाब सिविल सेवा (PCS) अधिकारी बनी। इसके बाद उसने नेशनल हॉकी टीम के पूर्व खिलाड़ी बचित्र सिंह ढिल्लों से शादी की, लेकिन पर्सनल लाइफ भी विवादों में घिर गई। 8 महीने बाद ही अनुप्रीत ने पति पर दहेज उत्पीड़न-जान से मारने की कोशिश में FIR कराई। पति को इस मामले में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद दूसरा विवाद पहली पोस्टिंग पर NH-54 भूमि अधिग्रहण में मुआवजा घोटाला का जुड़ गया। तब ये जालंधर के डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय में थी। बाद में जांच के चलते पंजाब सरकार ने उसे सस्पेंड कर दिया। 2022 में बहाली के बाद 2026 में ही फिर से गुरदासपुर की SDM के रूप में तैनात हुई। पढ़ें पूरी रिपोर्ट…. पहले जानिए कौन हैं डॉक्टर अनुप्रीत…
डॉ. अनुप्रीत कौर रंधावा 2012-बैच की पंजाब सिविल सर्विस (PCS) अधिकारी है, जिसका प्रशासनिक करियर विवादों से घिरा रहा। उसने अपनी नौकरी का बड़ा हिस्सा तरनतारन जिले में बिताया। 2018-19 में पट्टी की एसडीएम के पद पर रहते हुए उस पर NH-54 नेशनल हाईवे के भूमि अधिग्रहण में 1.63 करोड़ रुपए के सरकारी मुआवजे के गबन का मुख्य आरोप लगा। इसके चलते 2019 में उन पर एफआईआर दर्ज हुई और उन्हें सस्पेंड भी किया गया था। इसके अतिरिक्त, उस पर 88 लाख रुपए के एक अन्य घोटाले और हालिया चुनावों में राजनीतिक पक्षपात के भी आरोप हैं। उसकी शादी अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी बचित्र सिंह से हुई थी, जिससे वो अब अलग हो चुकी है। उनकी शादी भी विवादों में रही। पति के साथ विवाद की पूरी कहानी… जानिए कैसे किया गया पूरा घोटाला… भाई के खाते में ₹88 लाख ट्रांसफर करने का आरोप डॉ. अनुप्रीत कौर पर नेशनल हाईवे (NH-54) के लिए आए मुआवजा फंड में से 88 लाख रुपए सीधे अपने सगे भाई संदीप सिंह के बैंक खाते में ट्रांसफर करने का भी आरोप है। जांच में इसे भी घोटाले की कड़ी से जोड़ा गया। जांच में सामने आया कि जिस जमीन के बदले यह भारी-भरकम मुआवजा राशि जारी की गई थी, राजस्व रिकॉर्ड में उसका कोई वजूद ही नहीं था। एसडीएम के कार्यकाल में उनके सहयोगियों ने सरकारी फाइलों और दस्तावेजों में हेराफेरी की, ताकि इस फर्जी भुगतान को सही दिखाया जा सके। साल 2021 में नए आए एसडीएम की शिकायत पर तरनतारन सिटी पुलिस ने डॉ. अनुप्रीत और उनके भाई के खिलाफ धोखाधड़ी, सरकारी पैसे के गबन और जालसाजी के तहत दूसरी एफआईआर दर्ज की। ये मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। ************* ये खबर भी पढ़ें: लेडी SDM सरकारी कोठी से गिरफ्तार:तरनतारन पुलिस ने गुरदासपुर में रेड की, ₹1.63 करोड़ का गबन केस; पति पर FIR करा चुकीं अनुप्रीत पंजाब के गुरदासपुर में तैनात PCS अफसर SDM अनुप्रीत कौर रंधावा को गिरफ्तार कर लिया गया है। तरनतारन पुलिस ने शनिवार (16 मई) को सुबह 7 बजे उन्हें गुरदासपुर स्थित सरकारी कोठी से अरेस्ट किया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उनकी गिरफ्तारी 1.63 करोड़ रुपए के गबन केस में की गई है। (पढ़ें पूरी खबर)