पंजाब के 23 जिलों में जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके पहले चरण में 14 मई तक स्वगणना होगी। यानी लोग कहीं से भी ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। यह पोर्टल रोजाना सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक काम करेगा। जो लोग ऑनलाइन जानकारी नहीं भरेंगे, उनके घर सरकारी कर्मचारी जाकर पहले की तरह जानकारी जुटाएंगे। वहीं, जिन्होंने ऑनलाइन फॉर्म भर दिया होगा, उनके डेटा की पुष्टि के लिए भी कर्मचारी घर आएंगे। इसके लिए करीब 67 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके बाद 15 मई 2026 से 13 जून 2026 तक पहला चरण चलेगा। इस दौरान मकानों की गिनती की जाएगी। कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से कुल 33 सवाल पूछेंगे, जो मकान और घर की सुविधाओं से जुड़े होंगे। इसके बाद जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा। स्वगणना कैसे करें, इसके लिए क्या-क्या फॉर्मेलिटी चाहिए, OTP किसे देना है, कौन सी भाषा में होगा, इन सब बातों के बारे में आगे सवाल-जवाब में जानिए…. सवाल: स्वगणना क्या है?
जवाब: स्वगणना वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति या परिवार अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक और आर्थिक जानकारी स्वयं किसी निर्धारित माध्यम (जैसे ऑनलाइन पोर्टल या फॉर्म) के जरिए सरकार को उपलब्ध कराता है। सवाल – स्वगणना के लिए हमें कौन से पोर्टल पर जाना होगा?
जवाब – सबसे पहले जनसंख्या वाला पोर्टल खोलना है। इसके लिए आपको censusindia.gov.in पर जाना होगा। इसके बाद होम पेज खुल जाएगा। इस पर अपने राज्य का नाम भरना है। जैसे हमें पंजाब भरना होगा। फिर कैप्चा भरें। इसके बाद वेलकम स्क्रीन आएगी, जिसमें आगे के चरणों के बारे में बताया जाएगा। सवाल – स्वगणना के लिए क्या चीजें हमारे पास जरूरी होनी चाहिए?
जवाब – स्वगणना के लिए सबसे जरूरी चीज है कि आपके पास मोबाइल या लैपटॉप होना चाहिए, जिसमें इंटरनेट की सुविधा हो। ताकि स्वगणना की प्रक्रिया को आसानी से पूरा किया जा सके। सवाल: क्या यह पंजाबी या अन्य भाषा में भी होगा?
जवाब: हां, स्वगणना के लिए 16 भाषाओं में जानकारी भरने का विकल्प है। जिस भाषा को आप आसान समझते हैं, उसमें जानकारी भर सकते हैं। सवाल – खुद की भाषा कैसे चुनूंगा ?
जवाब – 16 भाषाओं में से अपनी भाषा का विकल्प रहेगा। जिस भाषा को आसान समझते हैं, उसमें जानकारी दे पाएंगे। अपनी पसंद की भाषा ध्यान से चुनें। आगे की प्रक्रिया में इसे बदला नहीं जा सकेगा। आपके मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा। उसे भरकर अपना नंबर वेरिफाई करें और आगे बढ़ें। फोन पर आया OTP आते ही वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद आगे की जानकारी भरनी होगी। सवाल – अपनी पसंद की भाषा चुनने के बाद क्या करना होगा?
जवाब – भाषा के बाद अपना जिला चुनें और चाहें तो पिन कोड भी भर सकते हैं। इसके बाद अपने गांव या शहर, इलाके और आसपास के किसी पहचान वाली जगह (लैंडमार्क) का नाम लिखें। फिर “सर्च” पर क्लिक करें। मैप पर मार्कर दिखाई देगा। सवाल – स्वगणना में किसका नाम भरना होगा, मोबाइल कौन सा चुनें?
जवाब – सबसे पहले परिवार के मुखिया का नाम लिखना होगा। फिर मोबाइल नंबर भरना होगा। परिवार के किसी भी सदस्य का मोबाइल नंबर दर्ज करें। एक परिवार के लिए सिर्फ एक ही मोबाइल नंबर इस्तेमाल किया जा सकता है। वही नंबर किसी दूसरे परिवार के लिए इस्तेमाल नहीं होगा। ईमेल जरूरी नहीं है। अगर आप चाहें तो अपनी ईमेल आईडी भी दे सकते हैं। सवाल – परिवार के मुखिया का नाम भरने के बाद क्या होगा?
जवाब – इसके बाद प्रश्न खुल जाएंगे। यह विकल्प आधारित होंगे। साथ ही लिखने के लिए कीबोर्ड होगा। अगर किसी सवाल को समझने में दिक्कत आती हो तो नीचे दिए गए नोट्स, टूलटिप्स और “अक्सर पूछे जाने वाले सवाल” की मदद लें। यही प्रश्नावली गणनाकर्मी भी इस्तेमाल करेगा। कुछ जानकारी जैसे भवन संख्या, जनगणना मकान संख्या और परिवार क्रमांक, गणनाकर्मी घर आकर खुद भरेगा। अगले पेज पर जाने से पहले मौजूदा पेज की सभी जानकारी भरना जरूरी है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर आप बाद में पिछली जानकारी में बदलाव कर सकते हैं। सवाल – स्वगणना में कौन-कौन सी जानकारी देनी है?
जवाब – इसमें 33 जानकारियां मांगी जा रही हैं। जैसे… सबसे आखिर में मोबाइल नंबर सिर्फ जनगणना संबंधी संपर्क के लिए मांगा गया है। सवाल – फॉर्म का सबमिशन कैसे होगा, कोई पासवर्ड मिलेगा?
जवाब – जब आपको लगे कि सारी जानकारी सही भर दी गई है, तब “पुष्टि करें और सबमिट करें” पर क्लिक करें। फॉर्म सफलतापूर्वक जमा होने के बाद “H” से शुरू होने वाली 11 अंकों की एक खास SE ID मिलेगी। यह ID स्क्रीन पर दिखाई देगी और SMS व ईमेल (अगर दिया हो) पर भी भेजी जाएगी। इसे स्क्रीनशॉट लेकर या लिखकर सुरक्षित रखना बेहतर रहेगा। अगर बाद में जरूरत पड़े, तो रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से पोर्टल पर जाकर SE ID फिर से प्राप्त की जा सकती है। सवाल – क्या भरी जानकारी को चेक करने का ऑप्शन मिलेगा?
जवाब – हां, “प्रिव्यू” स्क्रीन पर जाकर अपनी भरी हुई सभी जानकारी ध्यान से देख लें। अगर कोई गलती हो तो इसी चरण में उसे ठीक किया जा सकता है। अगर आप तुरंत फॉर्म पूरा नहीं करना चाहते, तो जानकारी को ड्राफ्ट के रूप में सेव कर सकते हैं। बाद में अंतिम तारीख से पहले दोबारा लॉगिन करके फॉर्म पूरा करें और “पुष्टि करें और सबमिट करें” पर क्लिक करें। सवाल: अगर कोई गलत जानकारी के साथ फॉर्म सबमिट कर दिया तो क्या मैं उसमें बदलाव कर सकता हूं?
जवाब: नहीं, इसके बाद आप जानकारी में बदलाव नहीं कर पाएंगे। जरूरत पड़ने पर केवल गणनाकर्मी ही बदलाव कर सकेगा। फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख वेबसाइट पर ऊपर चलती हुई सूचना में दिखाई देगी। अगर तय तारीख से पहले फॉर्म सबमिट नहीं किया गया, तो आपकी स्वगणना पूरी नहीं मानी जाएगी। सवाल – जनगणना कर्मचारी घर आएगा तो क्या करना है?
जवाब – जब जनगणना कर्मचारी आपके घर आए, तो उन्हें अपनी SE ID दिखाएं। वह ID की जांच करेगा। अगर आपकी SE ID कर्मचारी के मोबाइल में मौजूद रिकॉर्ड से मिल जाती है, तो आपकी स्वगणना की जानकारी सही मानकर स्वीकार कर ली जाएगी। अगर SE ID नहीं मिलती, तो कर्मचारी आपके परिवार की जानकारी दोबारा भरेंगे। सवाल – क्या स्वगणना में दी गई जानकारी सुरक्षित है?
जवाब – सरकार ने कहा है कि स्वगणना का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा। यह गोपनीय रहेगा। सवाल – कोई जनगणना के लिए OTP मांगे तो क्या करें?
जवाब – OTP सिर्फ लॉगिन के लिए आपके मोबाइल पर आएगा। कोई दूसरा व्यक्ति OTP मांगे तो बिल्कुल न दें। अगर आपने स्वगणना के लिए ऑनलाइन फॉर्म भर दिया है, तो जनगणना कर्मचारी आपके घर आकर आपसे SE ID पूछेंगे। अगर आपने स्वगणना नहीं की है, तो वे 33 सवाल पूछ सकते हैं। वे आपसे मोबाइल नंबर पूछेंगे, लेकिन OTP नहीं मांगेंगे। सरकारी कर्मचारी आधार, पैन, OTP या बैंक डिटेल नहीं मांगेंगे। जब जनगणना कर्मचारी आपके घर आएं, तो उनका ID कार्ड जरूर देखें। सवाल – क्या स्वगणना में कोई डॉक्यूमेंट अपलोड करना होगा?
जवाब – नहीं, स्व-गणना में कोई भी दस्तावेज अपलोड करने की जरूरत नहीं है। आपको अपनी जानकारी के अनुसार सही जानकारी देनी है। सवाल: सरकार इसमें क्या मदद कर रही है?
जवाब: स्वगणना में कोई दिक्कत आए तो अधिकारी से बात कर सकते हैं। इसके लिए 1855 नंबर पर कॉल करनी होगी। यह सेवा 16 भाषाओं में उपलब्ध रहेगी। यह सुविधा सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक सोमवार से शनिवार उपलब्ध रहेगी। सवाल: स्वगणना क्यों कराई जा रही है?
जवाब: इसकी 3 वजहें हैं, 1. जनगणना या सरकारी योजनाओं के लिए सही डेटा मिले। 2. लोगों तक योजनाएं सही तरीके से पहुंचाई जा सकें। 3. समय और खर्च बचाने के लिए डिजिटल तरीका अपनाया जा रहा है।