पंजाब में पटियाला के राजपुरा में अंबाला-अमृतसर रेल फ्रेट कॉरिडोर में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और खालिस्तानी आतंकियों ने कराया था। यह दावा पटियाला पुलिस ने 4 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद किया। पटियाला रेंज के DIG कुलदीप चहल ने बताया कि धमाके के बाद कार्रवाई करते हुए प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह बंगा, सतनाम सिंह सत्ता और गुरप्रीत सिंह गोपी को गिरफ्तार किया है। इनसे एक बम, 2 पिस्टल, जिंदा कारतूस और IED बरामद हुआ। DIG ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में पता चला कि ये माड्यूल सीधे पर ISI और मलेशिया में बैठे खालिस्तानी कट्टरपंथी संगठनों के टच में था। इनका मकसद पंजाब में आतंकी वारदात कर शांति भंग कर दहशत पैदा करनी थी। रेलवे का कामकाज डिस्टर्ब करने के मकसद से उन्होंने रेल ट्रैक पर हमला किया। उन्होंने बताया कि यह पूरा मॉड्यूल पाकिस्तान से चल रहा था। इसी बीच खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) ने धमाके की जिम्मेदारी ली है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि ब्लास्ट की जिम्मेदारी खालिस्तान टाइगर फोर्स का जसविंदर सिंह मुल्तानी (जर्मनी) लेता है। दैनिक भास्कर इस पोस्ट की पुष्टि नहीं करता। जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट… 27 अप्रैल की रात करीब साढ़े 8 बजे यह ब्लास्ट चलती मालगाड़ी के नीचे किया गया था। उसके ड्राइवर को झटका लगा तो उसने तुरंत आगे अफसरों को सूचना दी। रेलवे की स्पेशल DGP शशि प्रभा द्विवेदी ने कहा कि ऐसा संभव है कि जिस वक्त ब्लास्ट हुआ, बम फिट करने वाला भी किनारे खड़ा था और धमाके की चपेट में आ गया। जिससे उसके शरीर के भी चिथड़े उड़ गए। मरने वाला जगरूप सिंह रूपा तरनतारन के पंजवड़ गांव का था। वह मलेशिया जा चुका था। रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट से जुड़े PHOTOS… पटियाला DIG कुलदीप चहल ने कहा- पकड़े गए आतंकियों में प्रदीप सिंह खालसा निवासी वार्ड नंबर 1, डॉक्टर निसान सिंह वाली गली, सिद्धू अस्पताल के पीछे, मानसा, कुलविंदर सिंह बग्गा निवासी बप्पियाना जिला मानसा, सतनाम सिंह सत्ता निवासी पंजवड़ जिला तरनतारन और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी बाबा बिधी चंद नगर, मुरादपुर खुर्द, गोइंदवाल, थाना सिटी तरनतारन का रहने वाला है। इनके कब्जे से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। जो इन्हें सीमा पार बैठे अपने आतंकी हैंडलरों की मदद से मिले थे। इनमें मलेशिया बैठे हैंडलरों से संपर्क के लिए इस्तेमाल होने वाला लैपटॉप और अन्य टेक्निकल इक्विपमेंट्स शामिल हैं। इस मॉड्यूल का मुख्य सरगना प्रदीप सिंह खालसा है, जो खालिस्तानी विचारधारा से प्रभावित होकर ‘चलदा वहीर चक्रवर्ती, अटारिए’ नामक संगठन चला रहा था। वहीं विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में था। DIG ने कहा कि आरोपियों का रिमांड लेकर पूछताछ की जाएगी ताकि विदेशों में बैठे खालिस्तानी समर्थकों से उनके संबंधों और विदेशी फंडिंग की गहराई से जांच की जा सके। स्पेशल DGP ने कहा- ड्राइवर को झटका लगा तो उसने गड़बड़ी बताई
ब्लास्ट के बाद मंगलवार सुबह रेलवे की स्पेशल DGP शशि प्रभा द्विवेदी स्पॉट पर पहुंची। उन्होंने कहा कि ब्लास्ट के वक्त यहां से मालगाड़ी गुजरी। शायद उसी वक्त ब्लास्ट हुआ, जिस वजह से ड्राइवर को झटका लगा। ड्राइवर ने ही सूचना दी कि वहां पटरी पर कुछ गड़बड़ है। इसी वजह से ब्लास्ट के बाद हमें सूचना करीब एक घंटे लेट मिली। करीब साढ़े 9 बजे अफसर मौके पर पहुंचे। ऐसा लग रहा है कि जिस वक्त ब्लास्ट हुआ, बम फिट करने वाला वहीं किनारे खड़ा था। वह भी धमाके की चपेट में आ गया और उसकी भी मौत हो गई। उससे मोबाइल मिला है। इसके अलावा तलाशी में एक टिकट मिला है, जिससे पता चला कि वह सरहिंद से यहां आया है। उसका अमृतसर में बाइक पार्क करते हुए वीडियो भी मिला है। जिसके बाद बाइक जब्त कर ली गई है। पटियाला SSP ने कहा- धमाके वाला व्यक्ति मारा गया इस बारे में पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि कल देर रात पटियाला पुलिस को शंभू-हरियाणा बॉर्डर के पास एक रेलवे ट्रैक पर कम तीव्रता वाले विस्फोट (लो इंटेंसिटी एक्सप्लोजन) की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही डीआईजी पटियाला रेंज और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। एसएसपी ने बताया- मौके का मुआयना कर पता चला कि यह केवल एक विस्फोट नहीं था, बल्कि बड़ा बम धमाका करने का एक प्रयास (अटेम्प्टेड डिटोनेशन) था। जो व्यक्ति धमाका करने की कोशिश कर रहा था, उसकी इस प्रयास के दौरान मौत हो गई और उसका शव मौके से बरामद किया गया। अधिकारी ने कहा- इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की जान या संपत्ति का कोई नुकसान नहीं हुआ। पुलिस ने मौके से एक सिम कार्ड सहित अन्य सबूत बरामद किए गए। UP-HR नंबर की 2 बाइक मिलीं, ट्रैक उड़ाने की धमकी भी मिली थी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल के पास से 2 मोटरसाइकिल बरामद हुई हैं, जो यूपी और हरियाणा नंबर की हैं। पुलिस इनकी पड़ताल करने में जुटी हुई है। जहां घटना हुई है, वह हरियाणा के पास लगता सुनसान इलाका है। एक सप्ताह पहले ही खालिस्तान नेशनल आर्मी की तरफ से ईमेल के जरिए पंजाब व हरियाणा में रेलवे ट्रैक को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ईमेल में बाकायदा अंबाला से लेकर दिल्ली तक रेलवे ट्रैक पर धमाके करने की धमकी दी गई थी। पंजाब में भी लुधियाना, अमृतसर, बठिंडा, फिरोजपुर में रेलवे ट्रैक उड़ाने की धमकी थी। इस धमकी को रेलवे पुलिस और जांच एजेंसियों ने हल्के में लिया और नतीजन धमकी देने वालों ने वारदात को अंजाम दे दिया। ब्लास्ट करने वाला जगरूप सिंह 2 बेटियों का पिता
पुलिस के मुताबिक इस ब्लास्ट में मारा गया जगरूप सिंह तरनतारन के पंजवड़ गांव का है। पुलिस ने मंगलवार सुबह ही उसके घर की तलाशी ली। उसके भाई को हिरासत में लिया गया है। पुलिस पूछताछ में पता चला कि वह पहले दुबई गया था। फिर वहां से आकर करीब 5-7 साल पहले निहंग वेश धारण कर लिया। वह खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल का भी करीबी रहा है। उसने 2024 के लोकसभा इलेक्शन में अमृतपाल का प्रचार भी किया था। जगरूप शादीशुदा है और उसकी 2 बेटियां हैं। गांव के लोगों का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि वह गांव से कब निकला। घर में उसकी बुजुर्ग मां है और छोटा भाई चक्की चलाता है। जगरूप जिस पंजवड़ गांव का है, वह खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) के चीफ रहे परमजीत सिंह पंजवड़ का भी गांव है। कुछ समय पहले पाकिस्तान में बाइक सवारों ने परमजीत पंजवड़ की गोली मारकर हत्या कर दी थी। डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल, दुबई से लौटकर निहंग वेश अपनाया था ब्लास्ट में मारे गए जगरूप का जिस अमृतपाल के साथ कनेक्शन जोड़ा जा रहा है, वह इस वक्त डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। अमृतपाल को 23 अप्रैल 2023 को पंजाब के मोगा से गिरफ्तार किया गया था, जिसके तुरंत बाद उन पर NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगा दिया गया। इसके बाद असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया गया। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब की खडूर साहिब सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और 1,97,120 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। अमृतपाल पर 22 अप्रैल 2026 को NSA खत्म हो गया। जिसके बाद पंजाब पुलिस ने अजनाला थाने पर हमले के केस में अरेस्ट कर लिया। पूछताछ के बाद फिर असम की डिब्रूगढ़ जेल में छोड़ दिया गया है। चौथे महीने में रेल लाइनों पर दूसरा ब्लास्ट
पंजाब रेल लाइनों पर बम धमाके का यह दूसरा बड़ा मामला सामने आया है। इससे पहले इसी वर्ष 23 जनवरी को सरहिंद के खानपुर में ब्लास्ट हुआ था, जिसमें मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया था। इसमें रेल पायलट भी घायल हुआ था। सुखबीर बादल बोले- पंजाब सरकार का लापरवाह रवैया
इस मामले में सुखबीर सिंह बादल ने X पर लिखा- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, जो गृह मंत्री भी हैं, उन्हें अपनी गहरी नींद से बाहर आकर महत्वपूर्ण ढांचे की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए। उनका लापरवाह रवैया पंजाब को फिर से पुराने काले दौर की ओर धकेल रहा है, जो बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। वड़िंग ने कहा- AAP अपने अस्तित्व को बचाने में व्यस्त
पंजाब कांग्रेस के प्रधान व सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा- ये संकेत बेहद गंभीर हैं। पंजाब में बड़ी मुश्किल से कायम हुई शांति अब खतरे में नजर आ रही है। AAP सरकार अपने अस्तित्व को बचाने में व्यस्त है। ऐसे में यह साफ है कि असामाजिक तत्व और अपराधी इस स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। ॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब- रेलवे ट्रैक ब्लास्ट में मरने वाला रूपा कौन पटियाला के राजपुरा में अंबाला-अमृतसर रेल फ्रेट कॉरिडोर पर हुए ब्लास्ट में तरनतारन जिले के गांव पंजवड़ के रहने वाले जगरूप सिंह उर्फ जूपा का नाम सामने आया है। जगरूप जिस गांव पंजवड़ का रहने वाला था, इसी गांव से संबंधित कई लोग आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) का मुखिया भी इसी गांव का रहने वाला था। पुलिस अब जगरूप का पूरा बैकग्राउंड खंगाल रही है। (पढ़ें पूरी खबर) गुरदासपुर में दुकान के बाहर संदिग्ध वस्तु मिलने से हड़कंप गुरदासपुर के गीता मंदिर रोड स्थित मुख्य बाजार में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक टाइल्स की दुकान के बाहर बम जैसी दिखने वाली संदिग्ध वस्तु बरामद हुई। इस घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और बाजार को खाली करवा लिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…