पठानकोट के गांव भरियाल लाहड़ी में पुश्तैनी जमीन और धार्मिक स्थल पर कब्जे को लेकर विवाद हो गया। जहां अपनी ही जमीन पर बने मंदिर में माथा टेकने गई एक महिला पर कब्जाधारियों ने लोहे की रॉड और डंडों से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। तारागढ़ पुलिस ने एक महिला और उसके दो बेटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सभी आरोपी जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। आरोपियों की पहचान रीटा और उसके बेटे रवि कुमार और अर्जुन कुमार के तौर पर हुई है। पंचायत में हो चुका समझौता शिकायतकर्ता मनजीत कौर के अनुसार गांव भरियाल लाहड़ी में उनकी 6-7 कनाल पुश्तैनी जमीन है। जहां एक मंदिर और उनके पूर्वजों की समाध बनी हुई है। आरोप है कि आरोपी महिला रीटा और उसके दो बेटों ने इस जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया था। गत वर्ष पंचायत और गणमान्य लोगों के समझाने पर आरोपियों ने जगह खाली करने के लिए 9 महीने का समय मांगा था। मार्च में समय सीमा समाप्त होने पर मनजीत कौर ने गवाहों की मौजूदगी में कमरों को ताले लगा दिए थे। आरोप है कि उसी रात आरोपियों ने अज्ञात लोगों की मदद से ताले तोड़ दिए और दोबारा जबरन वहां रहने लगे। पूर्वजों की समाध पर माथा टेकने गई थी महिला
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जब वह अपने ड्राइवर के साथ पूर्वजों की समाध पर माथा टेकने गई तो वहां मौजूद आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपी महिला ने पीड़िता को बालों से पकड़ा और एक युवक ने लोहे के सरिये से सिर पर वार किया। बचाव में उसके हाथ आगे करने पर उंगली में चोट आई। दूसरे युवक ने डंडे से दो वार किए,जो पीड़िता की कलाई और गर्दन के पिछले हिस्से पर लगे। शोर मचाने पर हुए फरार
शिकायतकर्ता मनजीत कौर के अनुसार जब आरोपियों ने हमला किया तो ड्राइवर द्वारा शोर मचा दिया गया। इसके बाद तीनों आरोपी जान से मारने की धमकियां देते हुए मौके से फरार हो गए। घायल महिला ने अस्पताल में इलाज के बाद पुलिस को मेडिकल के साथ लिखित शिकायत दी।
तारागढ़ पुलिस ने मामला किया दर्ज
तारागढ़ पुलिस ने पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी रीटा, रवि कुमार और अर्जुन कुमार के खिलाफ कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।