राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की तबीयत अचानक खराब हो गई। सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद उन्हें पटना के कंकड़बाग में प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनका इलाज कर रहा है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। चिराग पासवान अपने चाचा के बीमार होने की सूचना पर उनसे मिलने पहुंचे। अस्पताल के बेड पर लेटे पशुपति पारस ने जैसे ही चिराग को देखा वो भावुक हो गए। उन्होंने अपने भतीजे को गले लगा लिया। चाचा-भतीजे की मुलाकात की 2 तस्वीरें… चिराग बोले- वे मेरे पिता की तरह हैं चिराग पासवान ने कहा कि ‘पशुपति पारस उनके लिए पिता समान हैं। मैं यहां एक राजनेता के तौर पर नहीं, बल्कि एक बेटे के तौर पर अपने अभिभावक का हाल जानने आया हूं। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन परिवार में भले ही वैचारिक मतभेद रहे हों, सेहत और पारिवारिक रिश्तों के मामले में हम सब एक हैं। वे मेरे अभिभावक हैं और इस समय उनके साथ होना मेरा धर्म है।’ चिराग पासवान ने अस्पताल में डॉक्टरों की टीम से भी चाचा की तबीयत को लेकर बात की। चिराग ने अपने X अकाउंट से चाचा से मुलाकात की तस्वीरें भी शेयर कर उनके स्वस्थ होने की कामना की है। 2021 में लोक जनशक्ति पार्टी दो हिस्सों में बंट गई थी बता दें कि साल 2021 के बाद से लोक जनशक्ति पार्टी दो हिस्सों में बंट गई थी, जिसमें एक गुट की कमान पारस ने संभाली, जबकि चिराग पासवान ने अपनी अलग पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) बनाई। राम विलास पासवान के निधन के बाद चिराग पासवान और पशुपति पारस के रिश्तों में खटास आ गई थी। चाचा और भतीजे का था पॉलिटिकल विवाद 28 नवंबर 2000 को रामविलास पासवान ने लोक जनशक्ति पार्टी बनाई थी। 2020 में रामविलास का निधन हुआ। चिराग पासवान और पशुपति पारस पार्टी की कमान को लेकर आमने-सामने आ गए। 14 जून 2021 को लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) टूट गई। पारस गुट ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग को सभी पदों से हटा दिया। पारस को नेता चुना। 7 जुलाई 2021 को पारस केंद्रीय मंत्री बन गए। चिराग केंद्र से लेकर राज्य की सत्ता से दरकिनार कर दिए गए। पिता रामविलास पासवान के नाम पर मिला बंगला भी उनसे खाली करा लिया गया। 2024 के लोस चुनाव में चिराग ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की। केंद्र में चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री बने और पारस NDA से अलग-थलग पड़ गए। दोनों के बीच संपत्ति को लेकर भी था विवाद वहीं, साल 2025 में दोनों के बीच जमीन बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था। रामविलास पासवान की पहली पत्नी राजकुमारी देवी ने अलौली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। राजकुमारी देवी का आरोपा था कि ‘पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की पत्नी शोभा देवी और स्व. रामचंद्र पासवान की पत्नी सुनैना देवी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया था। रामविलास पासवान की दो शादियां रामविलास पासवान ने 1960 में पहली शादी राजकुमारी देवी से की थी, लेकिन 1983 में उनसे तलाक लेने के बाद रीना शर्मा से दूसरी शादी की थी। चिराग पासवान रीना शर्मा के बेटे हैं, लेकिन उनकी बड़ी मां राजकुमारी देवी से भी उनके बेहतर संबंध हैं। चिराग अक्सर अपने पैतृक गांव शहरबन्नी आते रहते हैं।