पावरकट में खूब जली नाड़: 5 दिन में 512 घटनाएं… इस साल अब तक कुल 629 केस

पंजाब में गेहूं की कटाई अंतिम चरण में है, लेकिन नाड़ जलाने की घटनाएं एकदम से बढ़ने लगी हैं। इनके बढ़ने का बड़ा कारण 23 से 30 अप्रैल तक रात में लगने वाले पावरकट को माना जा रहा है। किसानों ने समझा कि रात में बिजली नहीं रहेगी तो सेटेलाइट में नाड़ जलाने की सही लोकेशन नहीं आएगी। जबकि ऐसा नहीं था। आंकड़े बताते हैं कि 28 अप्रैल तक गेहूं की नाड़ जलाने के 629 केस आ चुके हैं, जो कि पिछले साल से 185 मामले ज्यादा हैं। 2025 में अब तक नाड़ जलाने के 444 केस आए थे। 2024 में यह संख्या 112 थी। अकेले 28 अप्रैल को 135 जगह नाड़ जलाई गई, जो पिछले साल के मुकाबले 66 ज्यादा हैं। ऐसा नहीं है कि सरकार की सख्ती नहीं है, अब तक 24 मामलों में 1.35 लाख का जुर्माना किया गया है। 13 एफआईआर दर्ज की गई हैं। 19 किसानों के माल रिकॉर्ड में रेड इंट्री भी की गई है। 23 अप्रैल तक 117 घटनाएं थी… सूत्र बताते हैं कि इस बार ज्यादातर किसानों ने पावरकट का सहारा लिया है। पूरे राज्य में पावरकट था, इसी बीच किसानों ने खेतों की नाड़ को जला दिया। इस कारण सेटेलाइट में मौके पर आग की सही लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाई। 23 अप्रैल तक मात्र 117 घटनाएं हुई थीं, लेकिन 28 अप्रैल तक आंकड़े 629 पहुंच गए। यानी 5 दिनों में ही 512 घटनाएं बढ़ गईं। 2026 : 629 साल दर साल घटना अप्रैल माह में ऐसे बढ़ती गईं घटनाएं 2025 : 444 2024 : 112 629 494 269 197 151 117 28 27 26 25 24 23

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