बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। NDA की ओर से स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार अपने पिता नीतीश कुमार की तरह विधान परिषद जा सकते हैं। RLM नेता और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का भी विधान परिषद जाना तय माना जा रहा है। चुनाव आयोग जल्द ही 10 सीटों पर चुनाव की घोषणा कर सकता है। इसे लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों खेमों में रणनीति बनाने का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार, NDA इस बार संगठन से जुड़े कई नेताओं को विधान परिषद भेजने की तैयारी में है। इनमें निशांत कुमार और दीपक प्रकाश का नाम सबसे आगे है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 11 मई को गुवाहाटी जाएंगे और 12 मई को असम सरकार की शपथ ग्रहण में शामिल होंगे। नीतीश कुमार से जदयू के सीनियर नेताओं ने मुलाकात की और नए मंत्रिमंडल के कामकाज को लेकर चर्चा की। निशांत कुमार 2 महीने पहले राजनीति में आए निशांत कुमार ने 8 मार्च 2026 को JDU जॉइन की थी। 2 महीने के अंदर ही वे मंत्री बन गए हैं। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे, लेकिन हाल के दिनों में जदयू की सदस्यता लेने के बाद वे राजनीतिक तौर पर सक्रिय हुए हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके निशांत अब धीरे-धीरे सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आने लगे हैं। निशांत कुमार वर्तमान में बिहार में सद्भावना यात्रा निकाल रहे हैं और राज्य के सभी जिलों का दौरा कर रहे हैं। निशांत बिहार में अपनी राजनीतिक और सामाजिक पकड़ मजबूत करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस बीच उनके मंत्री बनने से जेडीयू कार्यकर्ता उत्साहित हैं। फिलहाल, निशांत कुमार बिहार के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, लेकिन जदयू के भीतर उन्हें नई पीढ़ी के संभावित चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। विधान परिषद की 10 सीटों पर होगा चुनाव विधानपरिषद चुनाव की 10 सीट पर चुनाव की घोषणा मई के आखिरी हफ्ते में हो सकती है। 28 जून को विधान परिषद की 9 सीट खाली हो रही है। इस चुनाव में निशांत और दीपक प्रकाश भी उम्मीदवार होंगे। जेडीयू कोटे से 4 सीट खाली हो रही है। गुलाम गौस,भीष्म साहनी ,कुमुद वर्मा भगवान सिंह कुशवाहा की सीट हो रही खाली हो रही है।
बीजेपी कोटे से सीएम सम्राट चौधरी और संजय मयूख की सीट 2 सीट खाली हो रही है।
आरजेडी कोटे से मोहम्मद फारूक और सुनील कुमार की 2 सीट खाली हो रही है। लोजपा को मिल सकती है एक सीट बताया जा रहा है कि अगले महीने से बिहार विधान परिषद चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है और चुनाव आयोग जल्द अधिसूचना जारी कर सकता है। इस चुनाव को एनडीए सरकार के लिए संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधने की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। सीटों के बंटवारे को लेकर सहयोगी दलों के बीच भी मंथन जारी है। फिलहाल बिहार विधान परिषद की कुल 10 सीटें खाली हैं। इनमें एक सीट पर उपचुनाव होना है, जबकि बाकी सीटों पर नियमित चुनाव कराए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक भाजपा और जदयू के अलावा एक सीट चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) को भी दी जा सकती है।