आरा के बड़हरा ब्लॉक के अंचलाधिकारी और उनके प्राइवेट ड्राइवर पर राजस्वकर्मी के बेटे पर पिस्टल तानने कर धमकाने का आरोप है। मामला नवादा थाना क्षेत्र के पुराने अंचल ऑफिस के कैंपस में कार पार्किंग से जुड़ा है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने छापेमारी कर एक दुकान में छिपाई गई पिस्टल को बरामद कर लिया है। साथ ही अंचालाधिकारी के प्राइवेट ड्राइवर अविनाश को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सीओ अंशु प्रसून से पूछताछ कर उन्हें छोड़ दिया गया है। मामले में आरा अंचल कार्यालय में प्रभारी रेवेन्यू अफसर विष्णुदेव सिंह की पत्नी संगीता के बयान पर बड़हरा सीओ और प्राइवेट ड्राइवर के खिलाफ FIR की गई है। FIR में कहा गया है कि ब्लॉक के कैंपस में गाड़ी लगाने को लेकर अंशु प्रसून और विष्णुदेव सिंह के बेटे सिद्धार्थ के बीच विवाद हुआ था। विवाद के दौरान सीओ के ड्राइवर अविनाश ने सिद्धार्थ पर पिस्टल तानकर धमकी दी। मामले में FIR दर्ज किए जाने के बाद भोजपुर डीसीएलआर और सदर एसडीपीओ वन के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित टीम जांच को थाने पहुंची थी, लेकिन पांच घंटे से ज्यादा पूछताछ के बाद अंचलाधिकारी को छोड़ दिया गया, इसे लेकर पीड़ित परिवार वालों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप का लगाए हैं। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला जगदीशपुर थाना क्षेत्र के बहुआरा निवासी विष्णुदेव सिंह अपने पूरे परिवार के साथ आरा शहर के ब्लॉक रोड स्थित आदर्श नगर मुहल्ले में किराए के मकान में फ्लैट रहते हैं। इसी फ्लैट में बड़हरा प्रखंड के सीओ भी रहते हैं। विष्णुदेव सिंह के पुत्र सिद्धार्थ ने बताया कि सोमवार की शाम तेज आंधी आई थी। मैं अपनी कार अंचल कार्यालय में कई सालों से पार्क करता आ रहा हूं। सोमवार शाम अंचल कैंपस में अपनी कार पार्क कर रहा था। इसी बीच बड़हरा सीओ अंशु प्रसून अपने प्राइवेट ड्राइवर के साथ पहुंचे। सिद्धार्थ के मुताबिक, अंशु प्रसून ने मुझसे कहा कि तुम अपनी कार हटा लो, मैं अपनी कार यहां पार्क करूंगा। सिद्धार्थ ने बताया कि मैंने CO अंकल से कहा कि गाड़ी तो मैं लगा चुका हूं, कई साल से यहीं गाड़ी पार्क करता हूं। कई जगह खाली है, आप अपनी कार खाली जगह पर खड़ी कर दीजिए। इसी बात को लेकर सीओ अंशु प्रसून और उनका ड्राइवर अविनाश गाड़ी से उतरा और गालियां देने लगे। गाली देने के बाद अविनाश ने कमर से पिस्टल निकालकर तान दी आरोप है कि गाली देने के बाद ड्राइवर अविनाश ने कमर से पिस्टल निकाली और सिद्धार्थ पर तानकर धमकी देने लगा। सिद्धार्थ ने बताया कि अविनाश के धमकाने के बाद CO अंकल ने ड्राइवर से पिस्टल छीनकर मेरे पेट में सटा दिया। कहा कि ज्यादा तेज नहीं बनो, तुम मुझे नहीं पहचानते हो। जल्दी यहां से गाड़ी हटाओ, वरना ठीक नहीं होगा। सिद्धार्थ ने बताया कि तत्काल मैं वहां से हट गया और पापा को कॉल किया। फिर पापा ने तुरंत नवादा थाना पुलिस को फोन पर घटना की जानकारी दी। इसी बात को लेकर CO और ड्राइवर ने कहा कि तुम किसी को भी बुला लो, मेरा कोई कुछ नहीं कर पाएगा। ये कहने के बाद अंशु प्रसून और अविनाश बाहर एक साइबर कैफे में बैठ गए। पुलिस को देखते ही ड्राइवर ने पिस्टल को दुकान में छिपा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हथियार को बरामद कर, CO और ड्राइवर को अपने साथ थाना लेकर चली गई। सिद्धार्थ की मां ने पुलिस पर मामले की लिपापोती का आरोप लगाया सिद्धार्थ की मां ने बताया कि मेरे बेटे पर पिस्टल तानकर डराया गया। एक बच्चे को अधिकारी और उसके गुंडा ड्राइवर की ओर से धमकी भी दी गई। घटना के बाद मैंने नवादा थाना में आवेदन दिया। लेकिन सोमवार को कोई विशेष कार्रवाई नहीं हुई। मामले में लिपापोती कर मंगलवार को CO को छोड़ दिया गया, लेकिन ड्राइवर पर केस कर उसे जेल भेजा जा रहा है। सिद्धार्थ की मां ने कहा कि थाना से आने के बाद CO अंशु प्रसून ने मुझसे कहा कि तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। अगर आम लोग के खिलाफ कोई की करता है तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाता है। लेकिन CO थाना से छोड़ दिया जाता है। कल की घटना के बाद मुझे, मेरे बेटे को अपनी जान का डर है। मेरा बेटा स्कूल जाता है, अगर उसे कुछ होता है, उसकी जिम्मेदारी किसकी होगा? प्रशासन इसका जवाब देगा? पूरे मामले में भोजपुर एसपी राज ने बताया कि सदर अंचल के राजस्व कर्मचारी विष्णुदेव के पत्नी की ओर से एक आवेदन दिया गया कि उनके बेटे को बड़हरा CO और उनके ड्राइवर के द्वारा पिस्टल दिखाकर धमकी दी गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पिस्टल को बरामद कर लिया। अवैध हथियार रखने के जुर्म में CO के प्राइवेट ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में अन्य बिंदुओं पर जांच की जा रही है। वहीं, थाना से बाहर आने के बाद जब दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने CO अंशु प्रसून से बात करने की कोशिश की तो वे अंग्रेजी बोलने लगे और बात करने से साफ इनकार कर दिया। थोड़ी ही देर में किसी साथी को इशारा किया और उसके साथ बाइक पर बैठकर थाना से निकल गए।