लगातार बिजली कटौती से परेशान किसानों ने मानसा और बुढलाडा में बिजली विभाग के दफ्तरों का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन उगराहां के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। किसानों ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावे कर रही है, लेकिन गांवों में स्थिति इसके विपरीत है। उनके अनुसार, सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली बंद रहती है और रात में भी बार-बार कटौती होती है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। कटौती से खेती और पशुपालन पर असर, बड़े आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शनकारी किसान नेताओं राम सिंह भैणी बाघा, जगसीर सिंह और कुलदीप सिंह कोरवाला ने बताया कि बिजली कटौती का असर केवल घरेलू जीवन पर ही नहीं, बल्कि खेती और पशुपालन पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए पानी और हरे चारे की सिंचाई के लिए भी बिजली उपलब्ध नहीं हो रही है, जिससे किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली कटौती बंद कर 24 घंटे नियमित आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो भारतीय किसान यूनियन उगराहां द्वारा बिजली विभाग और पंजाब सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।