बिलासपुर में स्टूडेंट्स को ‘मुर्गा’ बनाने पर कंट्रोवर्सी:टीचर और अभिभावकों ने कोर्ट जाने की दी चेतावनी, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में स्टूडेंट्स को ‘मुर्गा’ बनाने का मामला तूल पकड़ रहा है। कॉलेज के टीचरों और अभिभावकों ने इस मामले में कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। प्रशासन से बच्चों को मुर्गा बनाने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। दरअसल, बिलासपुर के गंभरपुल का बीते दिन एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें चार स्टूडेंट्स को किसी व्यक्ति ने मुर्गा बनाया और इसका वीडियो वायरल कर दिया। वीडियो में व्यक्ति कह रहा है कि इन्हें घर से शास्त्री कॉलेज, स्वारघाट भेजा गया था, लेकिन ये स्वारघाट के जंगल में भांग की बीड़ियां पी रहे थे। पहचान छिपाने के लिए मुर्गा बनाया वीडियो में व्यक्ति यह भी कहता है कि ‘मुर्गा’ इसलिए बनाया गया, ताकि उनकी पहचान छिपाई जा सके और बदनामी न हो। वह कहता है कि बच्चे अच्छी ड्रेस और जूतों में हैं, माता-पिता ने इन्हें पढ़ने भेजा है, और अभिभावकों से बच्चों पर ध्यान देने की अपील करता है। व्यक्ति का दावा है कि उनकी जेब से बीड़ी भी मिली है। वीडियो वायरल के बाद टीचर भी भड़के वीडियो वायरल होने के बाद छात्रों के अभिभावक और कॉलेज के टीचर भड़क उठे हैं। मुर्गा बनाने वाले व्यक्ति के खिलाफ टीचर और अभिभावक कोर्ट जाने की चेतावनी दे रहे हैं। एक टीचर का कहना है कि यह कॉलेज को बदनाम करने की साजिश हो सकती है। उनका सवाल है कि इतने छोटे बच्चे नशा कैसे कर सकते हैं। अभिभावकों और टीचरों ने जताई आपत्ति कॉलेज की ओर से जारी वीडियो में एक बच्चे के अभिभावक और तीन-चार टीचरों ने बच्चों को मुर्गा बनाने की सजा पर कड़ी आपत्ति जताई। अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चे किसी भी नशे में शामिल नहीं हैं। यदि किसी को बच्चों पर संदेह था, तो उसे खुद कार्रवाई करने के बजाय कॉलेज प्रबंधन या पुलिस को सूचित करना चाहिए था। परिजनों ने इस तरह बच्चों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और वीडियो वायरल करने को पूरी तरह गलत बताया।

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