अमृतसर में पुलिस ने 450 करोड़ रुपए की 64.62 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी है। इसके साथ ही दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हेरोइन पाकिस्तान से मंगवाई गई है, जिसे अब आगे सप्लाई करने के लिए कार में रखकर ले जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने इससे पहले की पकड़ लिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार विदेश में बैठे हैंडलर्स और पाकिस्तान के मूसा गैंग से भी जुड़े हुए हैं। यह गिरोह सीमा पार से ड्रग तस्करी कर पंजाब और अन्य राज्यों में सप्लाई करने का काम कर रहा था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरवन सिंह निवासी अवा गांव और शमशेर सिंह गांव इकतियारनगर के रुप में हुई है। दोनों को गांव माहल के पास से पकड़ा गया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने उनका 5 दिन का रिमांड हासिल किया है। पाकिस्तान के तस्करों से जुड़ा कनेक्शन पुलिस अधिकारी अमनदीप सिंह के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शमशेर सिंह शेरा और सर्वण सिंह गुज्जर के रूप में हुई है। दोनों आरोपी एक स्विफ्ट कार में हेरोइन की बड़ी खेप लेकर सप्लाई के लिए जा रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बाईपास के पास नाकाबंदी कर उन्हें काबू किया। तलाशी के दौरान कार की पिछली सीट से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान आधारित तस्करों से जुड़ा हुआ है और इसकी कड़ियां कुख्यात मूसा गैंग से भी जुड़ी हैं। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटी है। अदालत ने दोनों आरोपियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। DGP बोले- जल्द पूरे नेटवर्क को पकड़ेंगे मामले में पुलिस स्टेशन SSOC अमृतसर में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच तेजी से जारी है। पंजाब DGP गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया पुलिस का उद्देश्य इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना और इसके सभी सहयोगियों को गिरफ्तार करना है। पंजाब में चल रहा ‘ युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान’ बता दें कि पंजाब सरकार ने हाल ही में युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान का सेकेंड फेज लॉन्च किया था। हर जिले में इस अभियान के तहत रैलियां, जन जागरण जैसे कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों से कनेक्ट किया जा सके। सरकार का दावा है कि यह अभियान नशे के खिलाफ जन आंदोलन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार गांवों में बनाएगी पिंडां दे पहरेदार ग्रामीण स्तर पर नशा रोकने के लिए सरकार अब गांवों के युवाओं को इस मुहिम से जोड़ रही है। युवाओं को पिंडां दे पहरेदार बना रही है, ताकि वो नशा करने वालों और बेचने वालों के बारे में पुलिस को सही जानकारी दे सकें। इसके लिए सरकार ने युवाओं को इस मुहिम से जोड़ने की अपील की है। —————– ये खबर भी पढ़ें- खन्ना पुलिस की नशा तस्कर के खिलाफ कार्रवाई:42 लाख रुपए की संपत्ति फ्रीज, आरोपी ने मां के नाम पर लिया था प्लॉट लुधियाना जिले की खन्ना पुलिस ने “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने एक नशा तस्कर द्वारा अवैध कमाई से अपनी मां के नाम पर बनाई गई 42.45 लाख रुपए की संपत्ति फ्रीज कर दी है। खन्ना के सीनियर कप्तान पुलिस (एसएसपी) डॉ. दर्पण आहलूवालिया के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर…