पंजाब सरकार ने धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी रोकने के लिए गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में संशोधन कर इसे और सख्त बना दिया है। इस कदम की श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने सराहना की है। उन्होंने केंद्र सरकार और अन्य राज्यों से भी ऐसे सख्त कानून पूरे देश में लागू करने की अपील की। ज्ञानी रघुबीर सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के फैसले की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कानून बेअदबी की घटनाओं पर रोक लगाएगा। उन्होंने विरोध करने वालों से धार्मिक मामलों को राजनीति से ऊपर रखने और गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान के लिए एकजुट होकर काम करने का आग्रह किया। बेअदबी के 600 मामले सामने आ चुके : ज्ञानी रघुबीर मीडिया से बातचीत में पूर्व जत्थेदार ने बताया कि, यह कानून लंबे समय से चली आ रही बेअदबी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उल्लेख किया कि 2015 के बाद से धार्मिक ग्रंथों की तोड़फोड़ और डिजिटल माध्यमों से बेअदबी के लगभग 600 मामले सामने आए हैं। नए कानून के तहत, बेअदबी के दोषियों के लिए उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, यदि कोई व्यक्ति मानसिक बीमारी या डिप्रेशन का बहाना बनाकर बचने की कोशिश करता है, तो अब यह स्वीकार्य नहीं होगा। नाबालिगों द्वारा की गई बेअदबी के मामलों में उनके माता-पिता या अभिभावकों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। विपक्ष द्वारा किया जा रहा विरोध इस कानून को लेकर सिख समुदाय में खुशी का माहौल है और सरकार की व्यापक सराहना की जा रही है। हालांकि, विपक्ष के कुछ लोगों द्वारा इसका विरोध भी किया जा रहा है, जिसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।