दरभंगा के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र से 16 साल की नाबालिग लड़की के अपहरण और उसे बहला-फुसलाकर पंजाब ले जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता की मां ने गांव में किराये पर रह रही एक महिला पर बेटी को जाल में फंसाकर बाहर भेजने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस ने नाबालिग को पंजाब के लुधियाना से बरामद कर परिजनों को सौंप दिया है, जबकि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। पीड़िता की मां के अनुसार उनकी बेटी पिछले करीब एक महीने से एक मखाना फैक्ट्री में काम कर रही थी। 23 अप्रैल 2026 की सुबह वह रोज की तरह काम पर निकली थी, लेकिन देर शाम तक घर वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद परिवार को जानकारी मिली कि फैक्ट्री में काम करने वाली किरण देवी नाम की महिला उसे अपने साथ लेकर चली गई है। जानकारी के बाद विश्वविद्यालय थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन कई दिनों तक कोई ठोस प्रगति नहीं होने पर 30 अप्रैल को एसएसपी कार्यालय का घेराव किया गया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और नाबालिग को पंजाब के लुधियाना से बरामद किया गया। पीड़िता और उसकी मां की 2 तस्वीरें देखिए 11वीं की छात्रा बोली- साजिश के तहत मुझे बहला-फुसलाकर भगाया गया था 11वीं की छात्रा ने रोते हुए बताया कि मैं अपनी मर्जी से घर छोड़कर नहीं गई थी, बल्कि मुझे साजिश के तहत बहला-फुसलाकर भगाया गया था। छात्रा ने मामले में गिरफ्तार महिला 30 साल की किरण देवी पर गंभीर आरोप लगाए। नाबालिग ने बताया कि करीब एक महीने पहले उसकी पहचान किरण देवी से हुई थी। दोनों एक मखाना फै्ट्री में काम करती थीं। लड़की के अनुसार, किरण देवी शादीशुदा होने के बावजूद अपने बॉयफ्रेंड सीटू महतो से बात करती थी और लगातार उसे एक युवक से बातचीत करने के लिए प्रेरित कर रही थी। नाबालिग ने कहा कि किरण देवी उसे समझाती थी कि लड़का अच्छा कमाता है और बाहर ले जाकर ऐसे स्थान पर रखेगा जहां कोई ढूंढ नहीं पाएगा। जिस युवक बिरजू सहनी के साथ उसे भेजा गया, उससे उसकी केवल तीन दिनों तक ही बातचीत हुई थी। बातचीत भी किरण देवी के फोन से कराई जाती थी। नाबालिग ने बताया कि 23 अप्रैल को वो रोज की तरह मखाना फैक्ट्री काम करने गई थी। दोपहर करीब एक बजे किरण देवी ने कहा कि चलो घूम कर आते हैं। इसके बाद वह उसके साथ निकल गई। रास्ते में उसे बताया गया कि बिरजू सहनी और सीटू महतो भी साथ रहेंगे। देर रात उसे बहादुरपुर प्रखंड के एक गांव में बिरजू सहनी के घर ले जाया गया। छात्रा ने कहा- किरण देवी ने संभवत: बिरजू से पैसे लेकर मुझे बेचा नाबालिग ने आरोप लगाया कि 23 अप्रैल की रात ही मुझे एहसास हो गया था कि किरण देवी ने संभवतः पैसे लेकर मुझे बिरजू के हवाले कर दिया है। बाद में मुझे पंजाब के लुधियाना ले जाया गया, जहां वह बिरजू के साथ रही। लड़की ने बताया कि वहां उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए गए। नाबालिग ने स्वीकार किया कि उसे सिखाया गया था कि अपने असली माता-पिता को मृत बता दे और कहे कि वह लड़के को दो साल से जानती है, जबकि सच्चाई यह थी कि वह बिरजू को सिर्फ तीन दिन से जानती थी। लड़की ने बताया कि बिरजू के परिवार वालों को भी पूरी सच्चाई नहीं पता थी। उन्हें यह बताया गया था कि दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं और शादी करना चाहते हैं। उसने कहा कि वह गरीब परिवार से आती है और परिवार की मदद तथा अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए मखाना फैक्ट्री में काम करने लगी थी, जबकि उसके माता-पिता इसके खिलाफ थे। 2 मई की रात लड़का मुझे लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचा, फिर पुलिस दरभंगा लाई लड़की ने बताया कि 23 अप्रैल को घर से निकलने के बाद वह 2 मई की रात दरभंगा वापस लाई गई। उसने बताया कि मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद दरभंगा पुलिस उसे वहां से अपने साथ लेकर आई।
इस मामले में पुलिस ने किरण देवी और बिरजू सहनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, किरण देवी के पति राजा महतो और उसके कथित बॉयफ्रेंड सीटू महतो को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। हालांकि नाबालिग ने अब कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और उसके नए बयान के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। नाबालिग की मां ने कहा- किरण ने मेरी बेटी को 2 लाख में बेचा वहीं, नाबालिग की मां ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गांव में किराये पर रह रही किरण देवी ने पहले उनकी बेटी से दोस्ती की, फिर उसे अपने प्रभाव में लेकर बाहर भेज दिया। मां का आरोप है कि उनकी बेटी को दो लाख रुपये में बेच दिया गया था। लड़की की मां ने बताया कि किरण देवी करीब एक महीने से उनके गांव में किराये का कमरा लेकर रह रही थी और अक्सर उनके घर आती-जाती थी। उन्होंने कहा कि उन्हें शुरू से ही महिला की गतिविधियों पर शक था। मां के अनुसार, उन्होंने कई बार किरण देवी को चेतावनी दी थी कि उनकी बेटी को अपने पास न बैठाए। उन्होंने कहा कि मैंने साफ कहा था कि अगर मेरी बेटी तुम्हारे पास आए तो उसे भगा देना, अपने पास मत रखना। तब उसने कहा था कि अब आपकी बेटी को अपने पास नहीं बैठाएंगे। महिला ने आरोप लगाया कि किरण देवी लड़कियों को बहला-फुसलाकर जाल में फंसाने का काम करती थी। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर दिखने वाली किरण देवी को वे लोग मदद करते थे। वह मेरे बच्चों के कपड़े पहनती थी। हम लोग सोचते थे गरीब है, इसलिए मदद कर देते थे। लेकिन यह नहीं पता था कि वही हमारे घर में आग लगा देगी। मां ने बताया कि उनकी बेटी और किरण देवी के बीच करीब एक महीने में काफी बातचीत होने लगी थी। आरोप है कि जब वह घर पर नहीं रहती थीं, तब किरण देवी घर आती थी या उनकी बेटी को अपने घर बुला लेती थी। 23 अप्रैल को बेटी के गायब होने के बाद परिवार ने थाना में आवेदन दिया और पुलिस से बरामदगी की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रयासों के बाद उनकी बेटी को पंजाब से वापस लाया जा सका।
पीड़िता की मां ने दावा किया कि उनकी बेटी को लगातार डराया और धमकाया गया था। इसी वजह से उसने कोर्ट और थाना में गलत बयान दिया। मां के अनुसार, आरोपियों ने उनकी बेटी से कहा था कि अगर उसने सच्चाई बताई तो उसके माता-पिता की हत्या कर दी जाएगी। विधायक की मखाना फैक्ट्री में काम करती थी बेटी महिला ने बताया कि वह मजदूरी और चाय की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करती हैं, जबकि उनके पति बीमार रहते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी नगर विधायक संजय सरावगी की मखाना फैक्ट्री में काम करती थी। परिवार में तीन बेटे और तीन बेटियां हैं और पीड़िता दूसरे नंबर की संतान है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की जानकारी कुछ अन्य लोगों को भी थी, लेकिन उन्होंने सच्चाई छुपाई। मां ने मांग की कि पूरे कथित रैकेट की निष्पक्ष जांच हो और इसमें शामिल सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।