हरियाणा के जिला महेंद्रगढ़ में भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ जिले में आगजनी का खतरा बढ़ गया है, लेकिन विडंबना यह है कि आग से निपटने वाला दमकल सिस्टम खुद ही संकट में है। जिले में तैनात 60 दमकल कर्मियों में से 40 पिछले 17 दिनों से हड़ताल पर हैं। जिससे पूरे जिले की जिम्मेदारी अब केवल 20 कर्मचारियों पर आ गई है। ऐसे हालात में एक साथ कई जगह आग लगने की स्थिति में नियंत्रण पाना मुश्किल हो सकता है। इस दौरान कई जगह आग लगने की घटनाएं भी हो चुकी। जिसमें दमकल देरी से पहुंची है। रोडवेज के दस चालक लगाए स्थिति को संभालने के लिए रोडवेज विभाग की ओर से 10 चालकों की अस्थायी ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन प्रशिक्षित स्टाफ की कमी अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। गौरतलब है कि सामान्य दिनों में भी जिले में दमकल कर्मियों की कमी बनी रहती है, लेकिन इस ओर अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। जिला में केवल आठ गाड़ियां जिले में केवल आठ दमकल गाड़ियां और एक रेस्क्यू वाहन उपलब्ध हैं। नारनौल और महेंद्रगढ़ में तीन-तीन गाड़ियां हैं, जबकि कनीना, अटेली और नांगल चौधरी में एक-एक गाड़ी तैनात है। ऐसे में एक स्थान पर गाड़ी जाने के बाद दूसरा क्षेत्र असुरक्षित हो जाता है। पिछले वर्ष लगी थी 570 जगह आग पिछले वर्ष जिले में 570 आगजनी की घटनाएं दर्ज हुई थीं। वहीं हड़ताल के दौरान बीते दो सप्ताह में करीब 35 छोटे-बड़े मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें रिस्पांस टाइम प्रभावित हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार आग लगने के शुरुआती 10-15 मिनट सबसे अहम होते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में समय पर पहुंचना चुनौती बन गया है। अतिरिक्त स्टाफ की मांगा
एफएसओ राजवीर सिंह ने बताया कि छह नई दमकल गाड़ियों और अतिरिक्त स्टाफ की मांग की गई है। हड़ताल के बीच भी विभाग 24 घंटे सतर्क है और उपलब्ध संसाधनों से स्थिति संभालने का प्रयास किया जा रहा है।