फाजिल्का के जलालाबाद में 2 युवकों को पुलिस ने ढाबे से उठा लिया। युवक ने कहा कि पुलिस ने झूठे आरोप लगाते हुए कहा कि तुम्हारे पास जो कार है, उसका क्रिमिनल रिकॉर्ड है और इसमें तुम चिट्टा सप्लाई करते हो। इसके बाद पुलिस दोनों को थाने ले गई। युवक ने कहा कि पुलिस वालों ने थाने में हमारे साथ जूतों से मारपीट की और बाल खींचे। जिसके चलते उसे बाल कटवाने पड़े। पुलिस ने उन्हें छोड़ने के बदले 70 हजार रुपए की मांग की, जिसमें से कुछ राशि उन्होंने गूगल पे के माध्यम से और कुछ नकद दी। तक जाकर उन्हें छोड़ा गया। उधर, इस मामले में एसएसपी गुरमीत सिंह ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों पर लगे आरोपों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इस मामले में कॉन्स्टेबल जसप्रीत सिंह को सस्पेंड कर दिया है। जबकि, बाकी दो होमगार्ड जवानों पर कार्रवाई के लिए कमांडेंट को लिखा गया है। युवक ने ये बड़ी बातें बताईं SSP बोले- मामले की जांच करवा रहे कार विक्रेता हरजिंदर सिंह ने भी जबर सिंह के दावों का समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि जबर सिंह ने उनके यहां से गाड़ी खरीदी थी और सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही वाहन बेचा गया था। उधर, फाजिल्का के एसएसपी गुरमीत सिंह ने कहा कि पुलिस कर्मियों पर लगे आरोपों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।