बृजेंद्र की इस यात्रा से हरियाणा को बहुत फायदा होगा, क्योंकि इन्होंने हरियाणा के लोगों की पल्स (नब्स) सुनकर समझी और हजारों किलोमीटर चले। आपकी मेहनत सबने देखी। मेरा पूरा सपोर्ट आपके साथ है। राहुल गांधी ने शुक्रवार को गुरुग्राम में पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा की खुलकर तारीफ की। अक्टूबर 2025 में जब बृजेंद्र सिंह ने इस यात्रा की शुरुआत की थी, तब तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने इसे कांग्रेस का ऑफिशियल कार्यक्रम मानने से इनकार कर दिया था। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा से लेकर नए प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह तक ने इसे निजी यात्रा बताया। हालांकि, 6 मई को राहुल गांधी के दौरे का ऐलान होते ही कांग्रेस संगठन सक्रिय हो गया। राव नरेंद्र सिंह ने नेताओं को यात्रा में शामिल होने के लिए पत्र लिखा और खुद भी राहुल गांधी के साथ करीब एक किलोमीटर पैदल चले। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मंच पर राहुल गांधी का स्वागत किया, जबकि उदयभान भी मंच पर मौजूद रहे। राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला और सिरसा सांसद कुमारी सैलजा पहले ही सद्भाव यात्रा में शामिल हो चुके हैं। शुक्रवार को सुरजेवाला कार्यक्रम में पहुंचे, जबकि सैलजा मौजूद नहीं रहीं। राहुल गांधी ने मंच से कहा- “हर युवा नेता को ऐसी यात्राएं निकालनी चाहिए।” इस बात से साफ है कि राहुल हरियाणा कांग्रेस के नेताओं को एक खास संदेश देना चाहते हैं। माना जा रहा है कि पार्टी अब उन नेताओं को ज्यादा महत्व देगी, जो लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं के लिए लड़ते हैं। यानी, जो नेता सड़क पर उतरकर संघर्ष करेंगे, उन्हें पार्टी में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। राहुल गांधी के संबोधन में 3 बातें जो समझ में आईं… एक्सपर्ट बोले- राहुल के आने से फूट उजागर हुई पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. भारत का कहना है कि राहुल गांधी का बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा को ऑफिशियल बताना निश्चित रूप से एक राजनीतिक संदेश है, लेकिन यह बयान काफी देर से आया है। यदि कांग्रेस नेतृत्व शुरू से ही इस यात्रा को आधिकारिक समर्थन देता, तो इसका राजनीतिक प्रभाव कहीं अधिक व्यापक हो सकता था। भारत ने आगे कहा- राहुल गांधी के आने से हरियाणा कांग्रेस में पहले से चल रही फूट और खुलकर सामने आ गई। ज्यादातर बड़े नेता और विधायक इस यात्रा से दूर रहे। अब जब यात्रा खत्म होने वाली है, तब राहुल गांधी ने इसे समर्थन दिया है। इससे पता चलता है कि पार्टी के अंदर राजनीति और रणनीति को लेकर खींचतान चल रही है। अब राव नरेंद्र सिंह और भूपेंद्र हुड्डा के सद्भाव यात्रा पर अलग-अलग बयान जानिए…. राव नरेंद्र सिंह पहले: बृजेंद्र सिंह मेरे प्रदेश अध्यक्ष बनने से पहले यात्रा शुरू कर चुके थे। भविष्य में हाईकमान से परमिशन जरूर लें। यह कांग्रेस की आधिकारिक यात्रा नहीं है। हम उन्हें रोक नहीं रहे और न ही कोई दबाव डाल रहे। बाद में: जो साथी कांग्रेस में हैं, वो जो भी काम करता है, उसे कांग्रेस का ही कहेंगे। किसी को यात्रा से एतराज नहीं है। कांग्रेस में सभी एक हैं। इससे कांग्रेस मजबूत होगी। भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहले: सभी को यात्रा निकालने का अधिकार है। कांग्रेस पार्टी का कार्यक्रम होगा तो जरूर आएंगे। यह पार्टी की आधिकारिक यात्रा नहीं है। यह बृजेंद्र सिंह की व्यक्तिगत पहल है। बाद में: मैं अपने अजीज बृजेंद्र को बधाई देता हूं, जो इतनी मेहनत कर आज यहां तक पहुंचे। इन्हें यात्रा की बहुत-बहुत बधाई। —————————— ये खबर भी पढ़ें :- राहुल गांधी बोले- सद्भाव यात्रा से हरियाणा को फायदा होगा:गुरुग्राम में बृजेंद्र सिंह के साथ 1KM पैदल चले; कहा- एपस्टीन फाइल में PM की हिस्ट्री लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को गुरुग्राम में पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा में शामिल हुए। राहुल गांधी ने कहा, “बृजेंद्र की इस यात्रा से हरियाणा को बहुत फायदा होगा, क्योंकि इन्होंने हरियाणा के लोगों की पल्स (नब्स) सुनकर समझी। आप (बृजेंद्र) हजारों किलोमीटर चले।” पढ़ें पूरी खबर…