‘रेड लाइट एरिया की दीदी कहती-कस्टमर खुश करो, आगे बढ़ो’:ट्रैप में डॉक्टर की बेटी, बोली- बॉयफ्रेंड बेच गया; रिपोर्टर ने सुना लड़कियों का दर्द

‘तुम सुंदर हो। वायरल हो जाओगी। बोल्ड कपड़े पहनकर खुद को एक्सपोज करो। जो दिखता है, वही बिकता है। बाहरी दुनिया से यहां सब सेफ है। मालिक जो बोलेगा कर देना। वह खुश रहेगा तो गाड़ी, बंगला सब मिल जाएगा। बिहार है, यहां डांसर्स हिट हो जाती हैं। कई वायरल होकर फिल्मी दुनिया में चली गई हैं। तुम भी हिट हो जाएगी, फिल्मों में दिखोगी..।’ रेड लाइट एरिया के पैटर्न पर चल रहे ऑर्केस्ट्रा में लड़कियों का ब्रेनवॉश इसी तरह से किया जाता है। इस काम के लिए वहां पेशेवर महिलाएं रखी जाती हैं। हर नई लड़की का ऐसे माइंडवॉश कर जिस्मफरोशी के धंधे में उतारा जाता है, जिसके बाद वो बाहरी दुनिया से काफी दूर हो जाती हैं। डांसर बनकर रेड लाइट एरिया में 5 दिन रही भास्कर रिपोर्टर का भी ऐसे ही ब्रेनवॉश किया गया। VIP को बॉयफ्रेंड बनाकर पैसे ऐंठने को बोला गया। रिपोर्टर ने 5 दिन में उन लड़कियों का दर्द जाना जिनका ब्रेनवॉश कर इस दलदल से बाहर नहीं निकलने दिया गया। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पढ़िए और देखिए ब्रेनवॉश करने वाली महिलाओं और उन लड़कियों की कहानी जो चाहकर भी इस दलदल से बाहर नहीं निकल पातीं। मैं कोलकाता की रहने वाली हूं। मां-बाप के पास 2 बेटियां थीं। जन्म होते ही मुझे श्मशान में फेंक दिया गया। एक मुस्लिम परिवार ने मुझे 15 साल पाला। उन्हें कोई बच्चा नहीं था। मैं उन्हीं को अपना मां-बाप मानती थी। बड़ी हुई तो उन्होंने मुझे बताया कि मैं कहां से आई थी। काफी दिनों बाद उनको एक बेटी हुई, लेकिन जब वह 3 महीने की थी तो मां-बाप दोनों की मौत हो गई। इसके बाद मेरे ऊपर जिम्मेदारी का पहाड़ टूट गया। पढ़ाई छूट गई, मैं दूसरों के घर झाड़ू-पोछा करने लगी। जन्नत को बच्ची की तरह पाल-पोसकर बड़ा किया, वह मुझे मां बोलती है। बॉयफ्रेंड बनकर मुझे इस दलदल में लाया गया। यहां मेरा ऐसा ब्रेनवॉश किया गया कि मैं अब बाहरी दुनिया से बहुत दूर हो गई हूं। पहली बार पड़ोस के एक लड़के ने मुझसे कहा, बिहार चलो, वहां डांस करना बहुत पैसे मिलेंगे। पैसे की तंगी थी, लड़के ने मेरी मजबूरी का फायदा उठाया। मुझे डांस आता था, इसलिए मैं उसके साथ जन्नत को लेकर आ गई, लेकिन वह बहुत बड़ा फ्रॉड निकला। वो मुझसे ऑर्केस्ट्रा में डांस कराने लगा। 5 साल तक यूपी और अलग-अलग जगहों पर डांस करवाया। एक रात के पच्चीस सौ रुपए मिलते थे, लेकिन वह मुझे 500 रुपए देता था। काम के दौरान ही बिहार में कोलकाता के रहने वाले एक लड़के से प्यार हो गया। लड़के ने मुझे ढेर सारे सपने दिखाए। वह भी कोलकाता का ही रहने वाला है। मुझे लगा कि इससे शादी कर लूंगी तो मेरी लाइफ सेट हो जाएगी।आराम से घर बसाऊंगी और मेरा जीवन शांति से कट जाएगा। मैं उसके बहकावे में आ गई और उसके साथ चली गई। उसने भी मुझे धोखा देकर छोड़ दिया। वह मेरे घर ही रहता था, जो भी कमाकर लाती सब छीन लेता था। धीरे-धीरे मेरे घर के सारे सामान बेच दिए। मैंने कमाकर अपने लिए ज्वेलरी बनवाई थी, उसे भी बेच दिया और मुझे अकेला छोड़कर भाग गया। एक लड़का मिला बोला- साथ रहो तो रानी बनाकर रखूंगा। मैंने उससे शादी कर ली, लेकिन बाद में पता चला कि वह पहले से ही शादीशुदा है। वह दो बच्चों को बाप था। अब मैं कहीं की नहीं रही। मैंने जिस जन्नत को 6 महीने से पाला है, वह भी मेरी नहीं हुई। वह भी मेरी बातें नहीं मानती है। जब मैं कुछ बोलती हूं, तुरंत मुझे जवाब देती है कि मेरे मम्मी-पापा ने आपको पाला है तो आपने भी मुझे पाला। मेरे ऊपर आपने कोई एहसान नहीं किया है। सोचती हूं कि जिनके यहां मैं पली-बढ़ी, वे जिंदा होते तो मैंने भी पढ़ाई-लिखाई की होती। कहीं नौकरी कर रही होती या कहीं शादी की होती तो किसी के घर में रानी बनकर रहती। अब यहां भी जीवन नर्क बना हुआ है। यहां हर दिन मैं टूटती हूं। जिसका जहां मन करता है छूता है। कुछ बोल नहीं सकते। यहां अपने शरीर पर खुदकी मर्जी नहीं रहती। दिनभर छेड़खानी होती है। लड़कों के लिए खिलौना बनकर रह गई हूं। मैं आज जवान हूं तो लोग शरीर नोच रहे हैं, उम्र ढल गई तो कोई नहीं पूछेगा। जिस लड़की को पाला उसे अपने बॉयफ्रेंड के साथ देखती हूं एक साथ तो शरीर में आग लग जाती है। यहां हर लड़की के साथ ऐसी ही कहानी है, एक बार यहां कदम पड़ गए तो बाहर निकलना असंभव हो जाता है। मैं हाजीपुर की रहने वाली हूं। 2 साल से मुझे यहां अलग-अलग कस्टमर्स के पास भेजा जा रहा है। ऑर्केस्ट्रा में 2 साल पहले मेरा पति ही मुझे छोड़ गया था। मेरा एक बेटा भी है। उसने पहले मुझे दोस्ती की फिर शादी कर ली। प्रेग्नेंट होने के बाद वो मुझे ऑर्केस्ट्रा में छोड़कर चला गया। शादी के बाद वो एकदम बदल सा गया था। जैसे उसने पहले से सब प्लान कर के रखा हो। मेरे घर वाले मुझे उस लड़के से दूर रहने को कहते थे, लेकिन मैं प्यार में पागल थी। एक दिन मैं अपने घर वालों को छोड़कर उसके साथ भाग गई। पहले वह मुझे लेकर दिल्ली गया। वहां एक किराए का छोटा सा कमरा लेकर हम दोनों रहने लगे। शादी के बाद उसने नौकरी भी छोड़ दी। दिनभर घर पर रहने लगा। नशा करता था। पहले तो उसने मेरे गहने बेचे फिर बोला- जाओ और काम कर के कमाओ। मैं मजबूरी में काम करने जाती थी। दिल्ली के ही एक रेस्टोरेंट में बर्तन धोने का काम करने लगी। वहां से भी जो पैसे मिलते थे, मेरा पति मुझसे छीन लेता था। उसके घर वाले बार-बार उसे कहते थे कि इस लड़की को छोड़ दो। जब पैसे की काफी तंगी होने लगी तो वो मुझे वापस बिहार लेकर आ गया। उसने मुझे जनता बाजार में एक ऑर्केस्ट्रा में रख दिया। मैं यहां डांस कराने लगी, कुछ दिन वो मेरे साथ रहा। इस दौरान मुझे एक बेटा हुआ। जब बच्चा हुआ, उसके बाद वह मुझे यहीं छोड़कर वापस दिल्ली चला गया। कुछ दिन तक उससे बात होती रही, लेकिन बाद में बातचीत भी बंद हो गई। उसने मोबाइल नंबर बदल दिया है। मैंने उससे बात करने की काफी कोशिश की, लेकिन उससे बात नहीं हो पाई। मैं बच्चे को लेकर उसके घर भी गई, लेकिन वह मुझसे नहीं मिला। मैं उसके घर के बाहर 10 दिन तक खुले में रही, लेकिन उसके घर वालों ने मुझे अंदर नहीं जाने दिए। मेरे साथ मारपीट भी की गई। उसके घर वाले कहते रहे कि लड़का घर लौटा ही नहीं है। मैं फिर से यहां लौट आई। अब मेरे अपने मायके वाले भी नहीं अपनाते हैं। मैं कहीं की नहीं रही हूं। दो साल का मेरा बेटा है। कई लोग कहते हैं कि बच्चे को बेच दो और दूसरी शादी कर लो, लेकिन अब यही मेरा जीवन है। कमाकर इसे पालती हूं। यही मेरा सहारा है। जब तक जवानी है तब तक कमा रही हूं। अपने बच्चे को पढ़ा-लिखाकर बड़ा आदमी बनाऊंगी। कई बार कोशिश करती हूं कि यहां से बाहर निकल जाऊं और कोई दूसरा काम करूं, लेकिन मुझे कोई दूसरा काम देता ही नहीं है। अगर कोई काम भी मिलता है तो पैसे नहीं मिलते हैं। मैं कोलकाता की रहने वाली हूं। बहुत हाईफाई फैमिली से हूं। मम्मी-पापा दोनों डॉक्टर हैं, कोलकात्ता में उनका क्लिनिक चलता है। मैं मां-बाप की इकलौती संतान थी। घर वाले चाहते थे कि मैं भी पढ़कर डाक्टर बनूं। मैं 9वीं क्लास में पढ़ती थी उस समय मेरी उम्र 14 साल थी। खुद से 10 साल बड़े लड़के से दोस्ती हो गई। दोस्ती प्यार में बदली और पढ़ाई लिखाई छोड़ मैं उसके साथ सपने देखने लगी। वह हमेशा मेरी तारीफ करता, बोलता जिंदगी बदल जाएगी। कहता था, ‘तुम बहुत अलग हो… मैं तुमसे शादी करूंगा।’ उस उम्र में प्यार क्या होता है, समझ नहीं थी, बस इतना लगा कि कोई मुझे सबसे ज्यादा चाहता है। उसके साथ ऐसा हो गया कि लगा पूरी दुनिया उसके पास ही है। मैं साथ में जीने मरने की बात करने लगी। 10वीं की परीक्षा दी तो कहा कि चलो शादी कर लेते हैं। वह गरीब परिवार से था, इसलिए मेरे मम्मी-पापा नहीं मानते। हम दोनों घर से भाग गए। मैं तब नादान थी, वह लड़का ही भगवान जैसा लगता था। हम दोनों घर से भागकर दिल्ली गए। वहां किराए का कमरा लेकर कुछ दिन रहे। कुछ दिन बाद बोला – पैसे खत्म हो गए हैं। पहले उसने कहा था, वो दिल्ली में किसी फैक्ट्री में काम करता है, लेकिन वहां जाकर पता चला कि वो फ्रॉड है। बाद में वह गोपालगंज आ गया, मैं भी उसके साथ गोपालगंज आई। गोपालगंज में कुछ दिन रहने के बाद उसने कहा, मुझे कोई काम नहीं मिल रहा है। वह एक दिन मेरे पास आया और कहा, ऑर्केस्ट्रा में डांस कर लो एक रात के 2 हजार रुपए मिलते हैं। मैं इसके लिए तैयार नहीं थी, लेकिन मेरे ऊपर दबाव बनाने लगा सुसाइड करने की बात कहने लगा। पैसे की तंगी के कारण मैं डांस के लिए तैयार हो गई। वह मुझे एक ऑर्केस्ट्रा वाले के पास ले गया। उसने ऑर्केस्ट्रा वाले से पहले से सेटिंग कर रखी थी। वहां कुछ महिलाएं मेरा ब्रेनवॉश करने लगीं। कहा, पैसा तो पीछे दौड़ेगा, सेटिंग किसी वीआईपी से हो गई तो फिल्मी दुनिया में पहुंच जाएगी। मैं सपनों में बह गई और जिसके लिए मां-बाप ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था वह डांसर बनकर रेड लाइट एरिया में लोगों को खुश करने में लग गई। एक दिन झूठ बोलकर वो मेरे बदले ऑर्केस्ट्रा वाले से 3 लाख लेकर भाग गया। बाद में मुझे पता चला कि उसने मुझे 3 लाख में गोपालगंज के चुलबुली ऑर्केस्ट्रा में बेच दिया है। उसने अपना नंबर बंद कर दिया। मैने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उससे बात नहीं हो पाई। मैंने ऑर्केस्ट्रा ग्रुप से निकल कर दिल्ली जाना चाहा, लेकिन मालिक बोला कि तुम कहीं नहीं जा सकती हो। शादियों का सीजन है। तुम्हारा आदमी तुम्हारे 2 साल के काम का पैसा लेकर चला गया है। तुम्हें उसे यहां रहकर चुकाना होगा। मैं उस ऑर्केस्ट्रा मालिक के सामने रोई गिड़गिड़ाई, लेकिन उसने मुझे बंधक बना लिया था। मैनै 2 साल तक डांस कर उसका पैसा चुकाया। इस दौरान मैं जिस्मफरोशी के धंधे में फंसकर इस दुनिया से बाहर नहीं निकल पाई। कुछ दिन बाद ऑर्केस्ट्रा में सीवान का एक लड़का मिला। मेरी मजबूरी का फायदा उठाकर प्यार का नाटक किया। मुझे लगा कि उसके साथ जीवन कट जाएगा, लेकिन वह भी पहले वाले जैसा ही निकला। मेरे साथ शादी का नाटक किया, गोपालगंज से निकालकर सीवान ले गया। लेकिन वह भी मेरी कमाई के भरोसे ही था। दिनभर घर में बैठा रहता था। मैं ऑर्केस्ट्रा में काम कर के जो पैसे लेकर आती थी, उसे उड़ाता था। शराब पी जाता था। काम करने के दौरान ही मुझे एक बेटा हुआ। बेटा होते ही वह उसे किसी को देने की जिद करने लगा। मैं जब विरोध करने लगी तो गुस्सा होकर भाग गया। आज तक वह वापस नहीं लौटा। आज मैं पचरुखी के हरदिया में ऑर्केस्ट्रा में काम करती हूं। स्टेज पर नाचती हूं। कभी-कभी होटल भी जाना पड़ता है। प्रोग्राम में लड़के छेड़ते हैं, गंदी बातें करते हैं, हाथ पकड़ने की कोशिश करते हैं। मैं सब सह लेती हूं, ऐसे दलदल में हूं यहां सब कुछ करना पड़ता है। हर लड़की की एक जैसी कहानी, ब्रेनवॉश कर दुनिया बदल दी डांसर बनकर 5 दिनों तक रेडलाइट एरिया में रहने के दौरान भास्कर की महिला रिपोर्टर ने 20 से अधिक लड़कियों से बात की। हर लड़की की कहानी एक जैसी है। यहां दोस्त, पति या रिश्तेदार ही लड़कियों को बेचा है। हर नई लड़की का माइंडवॉश किया जाता है, इसके बाद वह खुशी से जिस्मफरोशी के लिए तैयार हो जाती हैं। एक बार इस धंधे में आने के बाद बाहर निकलने का रास्ता बंद हो जाता है। लड़कियों से बातचीत के दौरान पता चला कि संचालक उन्हें खाना से लेकर नशे की पूरी व्यवस्था करते हैं ताकि बाहरी दुनिया से उनका कोई संपर्क ना रहे। लड़कियों को पहले डांसर के नाम पर रखा जाता है, लेकिन वायरल होने के साथ कई तरह से सपने दिखाकर उन्हें इसी दलदल में कैद कर लिया जाता है। अब जानिए एजेंट लड़कियों को कैसे लाते हैं बिहार में ऑर्केस्ट्रा रेड लाइट एरिया का रूप लेते जा रहे हैं। यहां लड़कियों की काफी डिमांड है। सीवान में हर साल 20 हजार से अधिक लड़कियां आती हैं। यहां लड़कियों के लाने का खास ट्रेंड है। एजेंट्स ऐसी लड़कियों पर नजर रखते हैं जो गरीब हों या फिर अनाथ हों। ऐसी लड़कियों को कम उम्र में ही लाते हैं, ऑर्केस्ट्रा में कुछ दिन साथ रहकर फिर बेचकर निकल जाते हैं। महिला रिपोर्टर की सीवान के 5 ऑर्केस्ट्रा में 20 से अधिक लड़कियों से बातचीत हुई यहां तक आने का ट्रेंड एक जैसा ही सामने आया। एजेंट्स का ट्रेंड होता है, अलग-अलग लड़कियों से दोस्ती करते हैं फिर किसी न किसी बहाने ऑर्केस्ट्रा में बेच देते हैं। बातचीत के दौरान सन्नी, सूरज और गुड्‌डू का नाम सामने आया जो हर साल लड़कियां लेकर आते हैं। बाहरी दुनिया से दूर हो जाती हैं लड़कियां बातचीत में रेडलाइट एरिया के पैटर्न पर चल रहे ऑर्केस्ट्रा में फंसी लड़कियों ने बताया कि उन्हें बाहरी दुनिया से पूरी तरह से दूर कर दिया जाता है। घर परिवार के साथ सबकुछ छोड़कर जिस दोस्त पर भरोसा किया गया उसने लाकर बेच दिया। यहां माइंडवॉश ऐसा किया जाता है जिससे लड़कियाें की शर्म भी खत्म हो जाती है। वह किसी के साथ कहीं भी जाने को तैयार हो जाती हैं। पूरी तरह से एक अलग दुनिया बन जाती है, जिसके बाद वह कभी बाहर नहीं निकल पाती हैं। क्योंकि बाहर उनका कोई ऐसा नहीं होता जो उन्हें एक्सेप्ट करे। इसलिए वह समय के साथ पूरी तरह से बाहरी दुनिया से कटकर रह जाती हैं। एक्सपर्ट बोलीं- एक बार लड़कियां सेक्स रैकेट का हिस्सा बनीं तो बाहर नहीं निकल पातीं SP बोले- महिला अपराध से कोई समझौता नहीं, एक्शन लेंगे ऑपरेशन रेड लाइट पार्ट-4 में कल देखिए भास्कर रिपोर्टर की आपबीती, दलालों के बीच कैसे बिताए 5 दिन।

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