कैथल में हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने रेणु भाटिया ने कहा कि एक ओर महिलाओं के सम्मान की बात करना और दूसरी ओर गानों में मां-बहन की गालियां देना या महिलाओं की तुलना शराब और हथियारों से करना बेहद निंदनीय है। रेणु भाटिया ने गाली दो और माफी मांगो संस्कृति को घटिया मानसिकता करार देते हुए कहा कि अब केवल माफी मांगना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को मिलकर इस तरह की सामग्री के खिलाफ खड़ा होना होगा।
गायक मासूम शर्मा पर कसा तंज हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि खुद को मासूम कहने वाले मासूम नहीं। अगर उसका गुस्सैल स्वभाव है तो अपने घर बैठ जाएं। रोजाना मां, पत्नी, भाई व बहन दिखेंगे तो घर पर ऐसा करके दिखाएं। उन्होंने कहा कि एक रेप होता है और दूसरा महिलाओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना भी मानसिक रेप है। इसकी सजा मिलनी चाहिए। महिला आयोग सजा देगा। लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा बता दे कि अध्यक्ष ने रेणु भाटिया बुधवार को कैथल पहुंची थीं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश की बेटियों, महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय फैसला एवं मार्गदर्शन है। महिलाओं का पंचायत से लेकर संसद तक दायरा बढ़ेगा इस कानून से महिलाओं का पंचायत से लेकर संसद तक दायरा बढ़ेगा। लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, वे अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित कर सकेंगी। मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, सेंसरशिप और निगरानी तंत्र की सिफारिश सोशल मीडिया, रील्स और गानों में परोसी जा रही फूहड़ता और अभद्रता पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक पत्र भेजा गया है। इसमें सोशल मीडिया, रील्स और गानों पर निगरानी के लिए एक विशेष तंत्र बनाने की सिफारिश की गई है। आपत्तिजनक सामग्री पर कार्रवाई की मांग रेणु भाटिया ने पत्र में सुझाव दिया कि फिल्मों की तरह ही डिजिटल कंटेंट के लिए भी सेंसरशिप व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही राज्य स्तर पर एक कमेटी या विशेष अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो आपत्तिजनक सामग्री पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करे। महिलाओं के सम्मान का ध्यान रखने की अपील रेणु भाटिया ने संगीत के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों का आह्वान किया कि वे अपनी रचनाओं में महिलाओं के सम्मान का ध्यान रखें। यदि किसी तरह की गलत बात उनकी रचनाओं में मिलती है तो आयोग द्वारा सख्त संज्ञान लिया जाएगा।