रोहतक की अनाज मंडी में पहुंचे कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र के कृषि कानून तो मनमोहन सिंह की सरकार में बनाए गए थे। उस समय दीपेंद्र हुड्डा सांसद थे और संसद में पूरा जोर लगाया था कि कानून बना दें। जो आदमी संसद में आलू की लंबाई दो-दो फुट बता सकता है, उसके ज्ञान पर सवाल नहीं उठाना चाहिए। मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि पुराने लोगों की खासियत है कि वो पुरानी चीजों को छोड़ना नहीं चाहते। जब नए सिस्टम आते हैं तो उसका विरोध होता ही है। लेकिन जब नए सिस्टम से फायदा मिलता है तो फिर उसे मान लेते हैं। फसल खरीद के नए नियम भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए लाए गए हैं, जिससे किसानों को ही फायदा होगा। किसान के विरोध में नहीं बनाते कानून
मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों के खाते में फसल खरीद का पैसा डालने वाले सिस्टम का पहले विरोध हुआ, लेकिन अब उसका फायदा मिल रहा है। यह निर्णय पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने अनुभव के आधार पर लिया था। सरकार कोई भी कानून बनाती है तो वह किसानों के हक में होता है। सरकारी के साथ चलेगा प्राइवेट सिस्टम
मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्राइवेट के साथ सरकारी सिस्टम चलता है। मंडी में 3 एजेंसी है, जो खरीद कर रही है। इसके अलावा प्राइवेट एजेंसी भी काम कर रही है। प्राइवेट सिस्टम तो देश में साथ चलेगा। मंत्री में खरीद के लिए सरकार ने पहले से सारी व्यवस्था कर रखी थी। सुखी जमीन पर बारिश से नहीं होती फसल खराब
मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि जहां सेम की समस्या होती है, वहां फसल पकने के बाद बारिश आ जाए तो परेशानी होती है। लेकिन जहां जमीन सेम ग्रस्त नहीं है और वहां पकी हुई फसल पर बारिश होती है तो उससे फसल पर असर नहीं पड़ता। लेकिन वहां ओले और आंधी नहीं आनी चाहिए। बारदाने की परेशानी नहीं, लिफ्टिंग की परेशानी दूर
मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मंडी में खरीद वाली तीनों एजेंसियों से मिले है। बारदाने की कोई परेशानी नहीं है। लिफ्टिंग को लेकर थोड़ी परेशानी थी, जिसे दूर कर दिया गया है। किसानों को किसी प्रकार की समस्या होने नहीं दी जाएगी।