लुधियाना के फोकल प्वाइंट में बनी ईएसआई डिस्पैंसरी में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। डिस्पेंसरी में दवा लेने पहुंची महिला व अन्य लोगों ने पर्ची काटने वाले वाले दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए। करीब आधा घंटे तक डिस्पेंसरी में खूब हंगामा हुआ। डिस्पेंसरी में हंगामे का सक वीडियो भी सामने आया। डिस्पेंसरी के कर्मचारी और एक युवक में जमकर बहस होती दिख रही है। वीडियो बनाने वाले ने डिस्पैंसरी के कर्मचारी पर महिला व अन्य लोगों के साथ दुर्व्यहार करने का आरोप लगाया है। मामला बढ़ा तो पुलिस मौके पर पहुंची और पर्ची काटने वाले कर्मचारी को चौकी ले गए। चौकी जाकर कर्मचारी ने माफी मांगी और उसके बाद मामला शांत हुआ। मजदूर नेता चितरंजन ने बताया कि कर्मचारी ने लिखित तौर पर कहा कि अब वो भविष्य में इस तरह का व्यवहार नहीं करेगा। वहीं ईएसएसआई डिस्पैंसरी के डॉक्टराें का कहना है कि पर्ची वाले काउंटर पर भीड़ ज्यादा थी। अचानक हल्ला होने लगा तो उन्होंने मामला शांत करवाया। उनका कहना है कि इस मामले को हल करवा दिया गया है। डिस्पेंसरी में हंगामे की पूरी वजह सिलिसिलेवार जानिए… डिस्पेंसरी में लगी थी लाइनें: डिस्पेंसरी में दवाई लेने के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी थी। लोग पर्ची कटवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान पर्ची कटवाते हुए एक बुजुर्ग महिला और पर्ची काटने वाले कर्मचारी की बहस शुरू हो गई। और मरीज भी बोलने लगे: कर्मचारी जोर से बाेलने लगा तो लाइन में खड़े अन्य लोगों ने भी बोलना शुरू कर दिया। इतने में दोनों पक्ष एक दूसरे पर गाली देने का आरोप लगाने लगे। कर्मचारी कहने लगा कि आप लोगों ने गाली दी जबकि लाइन में लगे लोग कहने लगे कि उसने गाली दी है। दोनों पक्ष हो गए आमने-सामने: पर्ची काटने वाला कर्मचारी व उसके साथ बहस करने वाले लोग आपस में जोर-जोर से बोलने लगे। आसपास से लोग भी वहां एकत्रित हो गए। उस समय डिस्पेंसरी में 200 से 250 लोग जमा थे। कर्मचारी ने फेंक दिए कागज: कर्मचारी ने एक मरीज की फाइल पकड़ी थी। जब विवाद ज्यादा होने लगा तो उसने विंडो से फाइल बाहर फेंक दी और कहा कि वो पर्ची नहीं काटेगा। उसके बाद मामला ज्यादा बिगड़ गया और लोगों ने मजदूर नेताओं को बुला दिया। मजदूर नेता पहुंचे डिस्पेंसरी: मजदूर नेताओं को जैसे ही सूचना मिली वो भी डिस्पैंसरी पहुंच गए। कर्मचारी दरवाजा बंद करके अपने कैबिन में बैठा था जबकि लोग उसे बाहर आने को कह रहे थे। उसके बाद उन्होंने पुलिस को फोन किया। पुलिस आई और कर्मचारी को चौकी ले गए। चौकी में दो घंटे बाद माफी मांगी: चौकी में पुलिस ने पब्लिक को बयान दर्ज करवाने को कहा तो उन्होंने कह दिया कि अभी उससे बात चल रही है। फिर कर्मचारी ने लिखत माफीं और अपनी जान छुड़ाई। काफी समय से लोग परेशान हैं: मजदूर नेता चितरंजन ने कहा कि पर्ची काटने वाला कर्मचारी अक्सर यहां लोगों के साथ दुर्व्यहार करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब कर्मचारी को थाने ले गए तो पता चला कि वो भी पक्का मुलाजिम नहीं है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी ने लिखित माफी मांगी तो लोगों ने उसे माफ कर दिया। दोनों पक्षों में हुआ समझौता: चौकी जीवन नगर के इंचार्ज रणजीत सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों का आपसी समझौता हो गया था। किसी ने उसके खिलाफ बयान या शिकायत नहीं दी। जिसे बाद में छोड़ दिया गया।