लुधियाना के पुलिस ASI डॉ. अशोक कुमार को दिल्ली में नेशनल अवॉर्ड मिला। कला के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए आइकॉनिक फेलिसिटेशन ऑफ एक्जम्पलरी अचीवमेंट्स (IFEA) अवार्ड्स-2026′ से सम्मानित किया गया। ASI डॉ अशोक कुमार को यह अवार्ड ‘एसोसिएशन फॉर अवेयरनेस ऑफ अप्लाइड रिसर्च’ (AAAR) ने उन्हें ‘एक्सिलेंस इन डाइमंड आर्ट्स एंड एस्थेटिक इनोवेशन’ कैटेगरी में दिया। ASI अशोक कुमार डाइमंड आर्ट्स और एस्थेटिक इनोवेशन तकनीक के जरिए शानदार डाइमंड पोर्ट्रेट बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज करा चुके हैं। इससे पहले अशोक कुमार को साउथ अफ्रीका की यूनिवर्सिटी डॉक्टरेट की उपाधि से भी सम्मानित कर चुकी है। दिन-रात पुलिस की सख्त ड्यूटी निभाने के साथ-साथ अशोक कुमार कला के लिए समय निकालते हैं। उनके बनाए डाइमंड पोर्ट्रेट्स को कला जगत में काफी सराहना मिल चुकी है। अशोक ने खुद तैयार की डायमंड पोर्ट्रेट बनाने की विधा पंजाब पुलिस का ASI डॉ. अशोक कुमार एक अनूठे तरीके से पोर्ट्रेट तैयार करता है। उसने पोर्ट्रेट करने की ऐसी नई विद्या तैयार की है, जो उसके बनाए पोर्ट्रेट देखता है, देखता ही रह जाता है। डॉ. अशोक कुमार जरकन से डायमंड पोर्ट्रेट तैयार करता है। अब तक वो दुनिया की कई बड़ी हस्तियों के पोर्ट्रेट तैयार कर चुका है और वर्ल्ड रिकार्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा चुका है। पंजाबी सिंगर व एक्टर दिलजीत दोसांझ, वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज समेत कई हस्तियां अपने डायमंड पोर्ट्रेट देखकर उसके कायल हो चुके हैं। डॉ. अशोक कुमार अपनी मां के साथ वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज के पास पहुंचे। पोर्ट्रेट देखकर वो बेहद खुश हुए। अशोक कुमार ने जब उन्हें पोर्ट्रेट दिया तो प्रेमानंद जी ने कह दिया कि इसे आशीर्वाद के तौर पर अपने पास रखना। गुरुनानक देव जी का 20 फीट ऊंचा पोर्ट्रेट बनाकर बनाया वर्ल्ड रिकार्ड डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि 2021 में उन्होंने श्री गुरुनानक देव जी का 20 फुट ऊंचा पोर्ट्रेट तैयार किया था। जो एक वर्ल्ड रिकार्ड था। उन्होंने बताया कि उनका नाम वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल किया गया। इस तरह तीन बार उनका नाम वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हो चुका है। इसके अलावा एशिया रिकार्ड व लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में भी उनका नाम दर्ज हुआ है। दक्षिण अफ्रीका की वेबिक यूनिवर्सिटी घाना ने दी डॉक्ट्रेट की उपाधि अशोक कुमार पंजाब पुलिस में ASI हैं और उनके नाम के आगे डॉक्टर लिखा जाता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने बहुत से पोर्ट्रेट तैयार किए हैं और उनकी स्टोरी एक बुक में प्रकाशित की गई है। उसके बाद दक्षिण अफ्रीका की वेबिक यूनिवर्सिटी घाना ने उन्हें डॉक्ट्रेट की मानद उपाधि दी है।
अशोक का किप्स मार्केट व सुकना लेक में स्केच बनाने से वर्ल्ड रिकार्ड तक का सफर 20 से 25 हजार में तैयार होता है डायमंड पोर्ट्रेट डॉ. अशोक ने बताया कि एक पोर्ट्रेट तैयार करने में 20 से 25 हजार रुपए खर्च हो जाते हैं। पुलिस की नौकरी के कारण उन्हें पोर्ट्रेट तैयार करने के लिए ज्यादा वक्त नहीं मिलता है। फिर भी रात को काम करके वो करीब एक महीने में एक पोर्ट्रेट तैयार कर लेते हैं।