लुधियाना में बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे पुलिस या कानून की परवाह किए बिना वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला लुधियाना के बिहारी चौक इलाके से सामने आया है, जहां कुछ बदमाशों ने चोरी की शिकायत दर्ज करवाने से खफा होकर एक प्लास्टिक फैक्ट्री को ही आग के हवाले कर दिया। आग इतनी भयंकर थी कि फैक्ट्री पूरी तरह से जलकर खाक हो गई है। साहनेवाल पुलिस ने पीड़ित फैक्ट्री मालिक की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। मिलरगंज आजाद नगर के रहने वाले अभिषेक गर्ग ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि बिहारी चौक में उनकी अग्रवाल प्लास्टिक फैक्ट्री के नाम से इंडस्ट्रियल यूनिट है। अभिषेक के अनुसार, 18 मई 2026 को उनकी फैक्ट्री में चोरी की एक बड़ी वारदात हुई थी। इस मामले में उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी और जग्गा तथा रंग बहादुर नाम के व्यक्तियों को नामजद करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर (मुकदमा नंबर: 138/26) दर्ज करवाई थी। केस दर्ज होने के बाद से मिल रही थीं धमकियां शिकायतकर्ता अभिषेक ने बताया कि जब से पुलिस ने जग्गा और रंग बहादुर के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया था तब से आरोपी उन्हें लगातार धमका रहे थे। वे केस वापस लेने और अंजाम भुगतने की धमकियां दे रहे थे। दिनदहाड़े फैक्ट्री को लगा दी आग पीड़ित ने बताया कि धमकियों के बीच ही 22 मई 2026 को दोपहर करीब 2:00 बजे से 4:00 बजे के बीच उनकी फैक्ट्री में अचानक भयानक आग लग गई। प्लास्टिक का सामान होने के कारण आग ने तुरंत विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री जलकर राख हो गई। जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
अभिषेक गर्ग ने पुलिस को दिए अपने बयान में स्पष्ट तौर पर शक जताया है कि उनकी फैक्ट्री में यह आग किसी हादसे की वजह से नहीं लगी है, बल्कि चोरी के उन्हीं आरोपियों (जग्गा और रंग बहादुर) ने रंजिश के चलते उनकी फैक्ट्री को आग के हवाले किया है। पुलिस की कार्रवाई: फैक्ट्री मालिक के बयानों और शक के आधार पर साहनेवाल थाने की पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया है।पुलिस ने आरोपी जग्गा और रंग बहादुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 326 (G) के तहत एक नई एफआईआर (FIR No. 162) दर्ज कर ली है।पुलिस का कहना है कि वे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।