प्रसिद्ध आध्यात्मिक धर्म गुरु संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा एक बार फिर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी है। पदयात्रा के साथ ही एकांतिक वार्तालाप और दर्शन भी स्थगित कर दिए गए हैं। यह क्यों किया गया है यह तो केली कुंज आश्रम की तरफ से स्पष्ट नहीं किया गया है लेकिन बताया जा रहा है कि यह निर्णय अधिक माह में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए लिया गया है। सौभरी वन तक कर रहे थे पदयात्रा संत प्रेमानंद महाराज इन दिनों केली कुंज आश्रम से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित सौभारी वन तक पदयात्रा कर रहे थे। रात 3 बजे होने वाली इस पदयात्रा में दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में उनके भक्त पहुंच रहे थे। बताया जा रहा है कि शनिवार को आश्रम से लेकर सौभरी बन तक यह स्थिति हो गई कि पैर रखने की जगह नहीं बची। सेवादारों ने बड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा को पूरा कराया। भक्तों को दी गई सूचना केलिकुंज आश्रम की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन एक पोस्टर सामने आया है जिसमें लिखा है कि श्री हरिवंश,सूचना आप सभी को सूचित किया जाता है पूज्य महाराज श्री की आज्ञा अनुसार प्रातः सौभरी कुंड तक होने वाली पदयात्रा ,एकांतिक वार्तालाप और एकांतिक दर्शन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए गए है। कृपया इस सूचना को सहर्ष स्वीकार करें। अधिक मास के चलते की स्थगित पदयात्रा ,एकांतिक वार्तालाप और दर्शन क्यों स्थगित किए गए हैं इसको लेकर केली कुंज आश्रम की तरफ से कुछ भी नहीं बताया गया। लेकिन माना जा रहा है कि पदयात्रा और एकांतिक वार्तालाप और दर्शन अधिक माह के चलते स्थगित की गई है। अधिक माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिक्रमा देंगे। इस दौरान कोई अव्यवस्था न फैले जिसके कारण यह यात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की गई है।