साढ़े तीन हजार अभ्यर्थियों की मेहनत फिर दांव पर

भास्कर न्यूज | जालंधर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा (3 मई) रविवार को आयोजित की गई नीट परीक्षा रद्द किए जाने के बाद जालंधर के अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में चिंता और असमंजस का माहौल है। शहर के आठ परीक्षा केंद्रों पर करीब साढ़े तीन हजार छात्रों ने यह परीक्षा दी थी। परीक्षा रद्द होने की खबर ने जहां वर्षों से तैयारी कर रहे छात्रों को मानसिक रूप से झटका दिया है, वहीं कुछ छात्र इसे खुद को साबित करने के दूसरे मौके के रूप में भी देख रहे हैं। फिलहाल नई तारीखों की घोषणा न होने से अनिश्चितता बरकरार है। नीट अभ्यर्थी परिधि शर्मा बताती हैं कि पिछले दो वर्षों की लगातार मेहनत के बाद परीक्षा रद्द होने की खबर किसी झटके से कम नहीं थी। उन्हें अपने बेहतर प्रदर्शन पर पूरा भरोसा था, लेकिन पेपर लीक और धांधली की चर्चाओं ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर दिया। हालांकि, उनके माता-पिता के समझाने के बाद अब वे इसे एक अवसर के रूप में देख रही हैं। परिधि का कहना है कि पहले प्रयास के अनुभव से उन्हें पैटर्न समझ आ गया है, जिससे वे अब और बेहतर स्कोर कर सकती हैं। वहीं, छात्र गुरशेर ने एक अलग पहलू साझा किया। उन्होंने बताया कि पहली परीक्षा के दौरान पेपर काफी लंबा और कैलकुलेटिव होने के कारण उन्हें समय प्रबंधन में परेशानी हुई थी। वे इस साल ड्रॉप लेने का विचार कर रहे थे, लेकिन अब दोबारा परीक्षा होने से उन्हें इसी साल’गोल्डन चांस’ मिल गया है। केमिस्ट्री टीचर प्रो. एमपी सिंह ने सुझाव दिया कि छात्रों को अब नियमित रूप से लंबे ‘मॉक टेस्ट’ देने चाहिए। अचानक 10-12 घंटे पढ़ने के बजाय धीरे-धीरे लय पकड़ना बेहतर है। फिजिक्स के न्यूमेरिकल की रोजाना प्रैक्टिस और टाइम मैनेजमेंट पर खास ध्यान देना ही सफलता की कुंजी होगी। अभ्यर्थी सचलीन के पिता राजा सिंह का कहना है कि बच्चे साल भर की मेहनत के बाद रिलैक्स हुए थे, लेकिन अचानक परीक्षा रद्द होने से घर में दोबारा तनाव का माहौल है। बच्चों को शून्य से दोबारा तैयारी के लिए मानसिक रूप से तैयार करना बड़ी चुनौती है। फिजिक्स टीचर संजीव के अनुसार, इस बार फिजिक्स का पेपर कठिन और कैलकुलेटिव था, जिससे अच्छे छात्रों के अंक भी कम आ रहे थे। उनके लिए यह फैसला न्याय जैसा है। कोचिंग संचालक विकास ने 2015 की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय भी ऐसी स्थिति बनी थी। उन्होंने आगाह किया कि दोबारा होने वाली परीक्षा का स्तर पहले से कठिन हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *