लुधियाना के सरकारी स्कूलों के 50 प्रतिशत से ज्यादा टीचर्स की ड्यूटी जनगणना में लगा दी गई। जनगणना में ड्यूटी के कारण स्कूलों में स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित होने का हवाला देकर टीचर्स ने इसका विरोध किया। जिला प्रशासन ने अब तय कर दिया है कि एक स्कूल से 50 प्रतिशत से ज्यादा टीचर्स की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। प्रशासन ने डीईओ से ऐसे स्कूलों की रिपोर्ट मांग ली है जिनके 50 प्रतिशत से ज्यादा टीचर्स की जनगणना में ड्यूटी लगी है। दरअसल जिला शिक्षा अधिकारी ने जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में यह मामला उठाया और कहा कि अगर 50 फीसदी से ज्यादा टीचर्स जनगणना ड्यूटी पर रहेंगे तो विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो जाएगी। जिला प्रशासन के साथ बैठक होने के बाद डीईओ ने सभी स्कूल प्रिंसिपल्स को हिदायतें दी हैं कि जिनके 50 प्रतिशत से ज्यादा टीचर्स की ड्यूटी लगी है उनकी रिपोर्ट एक तय फॉर्मेट में भेजें ताकि रिपोर्ट एडीसी को सौंपी जा सके। टीचर्स की आपत्ति, बच्चों को कौन पढ़ाएगा?’ हाल ही में जब जनगणना के लिए ड्यूटी लिस्ट जारी हुई, तो कई स्कूलों का 70 से 80 फीसदी स्टाफ जनगणना और चुनाव संबंधी कार्यों में तैनात कर दिया गया था। टीचर्स यूनियंस और स्कूल प्रभारियों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया था। उनका तर्क था कि बोर्ड परीक्षाओं और नए शैक्षणिक सत्र के बीच अगर इतने बड़े स्तर पर टीचर फील्ड में चले जाएंगे, तो स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह ठप हो जाएगी। प्रशासन का फैसला, 50% से ज्यादा ड्यूटी नहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने 24 अप्रैल को एडीसी जगराओं की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह मामला उठाया। जिसके बाद एडीसी ने कहा कि स्कूल के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए 50 फीसदी स्टाफ को ड्यूटी से मुक्त रखा जाएगा। प्रशासन ने माना कि शिक्षा की गुणवत्ता और स्कूल के संचालन से समझौता नहीं किया जा सकता, इसलिए जिन स्कूलों में ड्यूटी की संख्या 50 प्रतिशत की सीमा पार कर गई है, उन्हें कम किया जाएगा। कल 11 बजे तक का अल्टीमेटम, ईमेल पर भेजनी होगी लिस्ट DEO लुधियाना द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक, अब स्कूलों को यह तय करना है कि वे किन कर्मचारियों की ड्यूटी कटवाना चाहते हैं। इसके लिए एक खास परफार्मा जारी किया गया है, जिसमें कर्मचारी का नाम, पद, HRMS आईडी और ड्यूटी कटवाने का ठोस कारण देना होगा। स्कूल प्रिंसिपल्स को 25 अप्रैल सुबह 11 बजे तक यह जानकारी ईमेल के जरिए जिला शिक्षा अधिकारी को देनी होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय तक जानकारी नहीं भेजी गई, तो माना जाएगा कि स्कूल का पूरा स्टाफ ड्यूटी करने के लिए तैयार है। इसके बाद किसी भी व्यक्तिगत प्रार्थना पत्र पर विचार नहीं किया जाएगा। ब्लॉक अफसरों को जिम्मेदारी इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए सभी ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारियों (BPEOs) को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन आने वाले स्कूलों से जल्द से जल्द डेटा इकट्ठा कर विभाग को भेजें। इस फैसले से लुधियाना के सैकड़ों शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है जो फील्ड ड्यूटी और क्लासरूम टीचिंग के बीच फंसे हुए थे।