हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा 13-14 जून को:2,45,000 परीक्षार्थी शामिल होंगे, 20 से ज्यादा प्रश्नों के उत्तर न देने पर परीक्षा कैंसिल; जनगणना ड्यूटी वाले अध्यापकों को छूट

हरियाणा में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) ने हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) की तारीखों की घोषणा कर दी है। परीक्षा का आयोजन आगामी 13 और 14 जून को किया जाएगा। इस संबंध में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार ने एक प्रेस वार्ता कर परीक्षा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों और नए नियमों को साझा किया। डॉ. पवन कुमार ने बताया कि इस बार सूबे में कुल 2,45,000 परीक्षार्थी एचटेट की परीक्षा देंगे। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरे राज्य में 820 परीक्षा केंद्र (सेंटर्स) बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। सबसे अहम नियम यह है कि यदि किसी छात्र ने अपनी ओएमआर (OMR) शीट में 20 से ज्यादा प्रश्नों के उत्तर खाली छोड़े (यानी कोई विकल्प नहीं भरा), तो उस छात्र की पूरी परीक्षा को कैंसिल (रद्द) कर दिया जाएगा। यह कदम परीक्षा में किसी भी तरह की संभावित हेराफेरी को रोकने के लिए उठाया गया है। एक और खास बात यह है कि जनगणना ड्यूटी वाले अध्यापकों की इस परीक्षा में ड्यूटी नहीं लगेगी। लेवल वाइज परीक्षा का पूरा शेड्यूल इस बार 2.45 लाख परीक्षार्थी, बनाए गए 820 सेंटर
डॉ. पवन कुमार ने बताया कि इस बार सूबे में कुल 2,45,000 परीक्षार्थी एचटेट की परीक्षा देंगे। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरे राज्य में 820 परीक्षा केंद्र (सेंटर्स) बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। OMR शीट खाली छोड़ी तो परीक्षा रद्द
बोर्ड ने इस बार पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक बड़ा और सख्त नियम लागू किया है। यदि किसी छात्र ने अपनी ओएमआर (OMR) शीट में 20 से ज़्यादा प्रश्नों के उत्तर खाली छोड़े (यानी कोई विकल्प नहीं भरा), तो उस छात्र की पूरी परीक्षा को कैंसिल (रद्द) कर दिया जाएगा। जनगणना ड्यूटी वाले अध्यापकों को छूट
प्रेस वार्ता में बोर्ड चेयरमैन ने शिक्षकों को लेकर भी एक बड़ा फैसला सुनाया। उन्होंने साफ किया कि परीक्षा के दौरान जिन अध्यापकों की ड्यूटी जनगणना (Census) के कार्य में लगी हुई है, उन्हें इस परीक्षा की ड्यूटी से मुक्त रखा जाएगा। यानी जनगणना करने वाले अध्यापकों की ड्यूटी एचटेट परीक्षा में नहीं लगाई जाएगी। पिछले छह साल में हुई HTET का इस तरह रहा रिजल्ट… पिछले दो बार 14% ही पास हुए HTET HTET-2024 के तीनों लेवल में कुल 14% परीक्षार्थी ही पास हुए थे। साल 2023 में भी ऐसे ही नतीजे रथे। हालांकि तब ग्रेस मार्क्स भी मिले थे। साल 2024 में 3.31 लाख परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से करीब 47 हजार को सफलता मिली। पिछली बार रिजल्ट में 101 दिन लगे 2024 के एचटेट के रिजल्ट आने में 101 दिन लगे थे। तब लेवल-1 यानी प्राइमरी टीचर व लेवल-2 यानी ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर में क्रमशः 16.2 व 16.4% विद्यार्थी सफल हुए। जबकि लेवल-3 यानी पोस्ट ग्रेजुएट टीचर की परीक्षा में सिर्फ 9.6 प्रतिशत को ही सफलता मिली। एचटेट पास होना नौकरी की गारंटी नहीं HTET पास करने का मतलब सरकारी नौकरी की गारंटी नहीं है, बल्कि सरकारी भर्ती में आवेदन करने की पात्रता भर है। अब ये HTET-2025 की प्रक्रिया चल रही है। कैसे तय होती है कटऑफ? बोर्ड के नियमों के अनुसार जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए 150 में से 90 अंक (60%) और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 150 में से 82 अंक (55%) प्राप्त करना अनिवार्य है। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *