हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के सीनियर अकाउंट ऑफिसर बलवंत सिंह सुसाइड केस में चंडीगढ़ पुलिस ने जांच तेज कर दी है। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने एचपीजीसीएल के पूर्व चीफ फाइनेंस ऑफिसर (CFO) अमित दीवान, वर्तमान सीएफओ राजेश गोयल और फाइनेंस ऑफिसर आशीष गोगिया से पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जल्द ही संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। सेक्टर-3 थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि पुलिस मृतक के कार्यालय जाकर जांच करेगी और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालेगी। पुलिस के मुताबिक, बलवंत सिंह ने आत्महत्या से पहले लिखे सुसाइड नोट में इन अधिकारियों के नामों का उल्लेख किया था। पुलिस ने सुसाइड नोट को सीएफएसएल भेजा जांच के अहम हिस्से के तौर पर पुलिस ने सुसाइड नोट को सीएफएसएल भेजा है, जहां हस्तलिपि और हस्ताक्षर का मिलान किया जाएगा। इसके साथ ही बलवंत सिंह का मोबाइल फोन भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाल रही है, ताकि आत्महत्या वाले दिन उनकी आखिरी बातचीत और घटना से पहले चार-पांच घंटे के दौरान किन लोगों से संपर्क हुआ, इसकी जानकारी जुटाई जा सके। जेल में बंद अमित को प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी पुलिस मामले में पूर्व सीएफओ अमित दिवान पहले ही आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े 590 करोड़ रुपए के कथित घोटाले में गिरफ्तार हो चुके हैं। चंडीगढ़ पुलिस उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ करेगी और रिमांड लेने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर इस मामले में गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। 590 करोड़ के बैंक घोटाला का मामला चंडीगढ़ पुलिस सूत्रों के अनुसार, नोट में आरोप लगाया गया है कि उन्हें 590 करोड़ रुपए के कथित घोटाले का पूरा दोष अपने ऊपर लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। मानसिक तनाव के चलते बलवंत सिंह ने सोमवार को हरियाणा सचिवालय की आठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। बलवंत का अंतिम संस्कार हरियाणा के झज्जर जिले में उनके पैतृक गांव में किया गया है।