हरियाणा में डिजिटल जनगणना शुरू:घर बैठे ऑनलाइन डेटा भर सकेंगे, लिव-इन में हैं तो शादीशुदा बताना होगा; पढ़ें अहम सवाल-जवाब

हरियाणा में जनगणना प्रक्रिया को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में डिजिटल जनगणना शुरू हो गई है। इस नई व्यवस्था का शुभारंभ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया।
सरकार का दावा है कि डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से जनगणना पहले की तुलना में अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी होगी। खास बात यह है कि इस बार जनगणनाकर्मी मोबाइल ऐप और टैबलेट के जरिए सीधे ऑनलाइन डेटा दर्ज करेंगे। सीएम ने टैब के माध्यम से इसका शुभारंभ किया। इस दौरान सीएम सैनी ने कहा- जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि हमारे विकसित हरियाणा विकसित भारत की आधारशिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारी जनगणना हमारा विकास का नारा दिया है। पहले 15 दिन पोर्टल पर अपनी जानकारी खुद अपडेट कर सकेंगे दोनों फेज में स्व-गणना (Self Enumeration) की ऑनलाइन सुविधा भी पहली बार दी गई है। सेल्फ-एन्युमरेशन एक वेब पोर्टल के जरिए होगा, जिसमें लोग घर-घर सर्वे से 15 दिन पहले अपनी जानकारी खुद ऑनलाइन भर सकेंगे। पोर्टल पर फॉर्म भरने के लिए 16 भाषाओं दी गई हैं। यह बिल्कुल ऑप्शनल है। जो लोग स्व-गणना नहीं करेंगे, वे पारंपरिक तरीके से सरकारी कर्मचारी के घर आने पर डेटा दे सकते हैं। जिन्होंने ऑनलाइन फॉर्म भरा है, उनका डेटा वेरिफाई करने के लिए भी सरकारी कर्मचारी उनके घर जाएंगे। कर्मचारी अगर ये 3 सवाल पूछें तो जवाब न दें मोबाइल में FM तो रेडियो, लिव-इन में हैं तो शादीशुदा लिव-इन: काफी समय से साथ रह रहे जोड़े को जनगणना में ‘विवाहित युगल’ माना जाएगा। रेडियो-टीवी: मोबाइल में FM है तो ‘रेडियो’ गिना जाएगा। मोबाइल पर यूट्यूब देखना ‘टीवी’ नहीं माना जाएगा, इसके लिए टीवी होना जरूरी। वाहन: कार/जीप की श्रेणी में ट्रैक्टर दर्ज नहीं होगा। ई-रिक्शा/ऑटो कार या बाइक नहीं मानेंगे। पानी: घर में नल हो, फिर भी बोतल या कैन का पानी मंगाते हैं, तो ‘बोटल्ड वाटर’ लिखें। किचन: घर के एक हिस्से में खाना बनाते और सोते हैं, तो ‘रसोई’ नहीं मानेंगे। रसोई तभी दर्ज होगी जब घर में अलग से हो। मैप पर हर घर ‘डिजी डॉट’ बनेगा, इसके 5 फायदे होंगे यहां पढ़िए लोगों से सीधे जुड़े सवाल-जवाब, जो शंकाएं दूर करेंगे… 1. डिजिटल जनगणना क्या है। जवाब: इसमें लोगों की जानकारी मोबाइल ऐप या टैबलेट के जरिए सीधे ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज की जाएगी। इससे कागज का इस्तेमाल कम होगा और डेटा तुरंत सुरक्षित हो जाएगा। 2. जनगणना करने कौन आएगा। जवाब: सरकार द्वारा नियुक्त प्रशिक्षित गणनाकर्मी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। उनके पास पहचान पत्र और डिजिटल डिवाइस होगा। 3. क्या जनगणना में सहयोग करना जरूरी है। जवाब: हां, जनगणना एक कानूनी प्रक्रिया है और हर नागरिक का सही जानकारी देना जरूरी होता है। 4. क्या कोई दस्तावेज दिखाना जरूरी होगा। जवाब: आमतौर पर दस्तावेज जरूरी नहीं होते, लेकिन सही जानकारी के लिए आधार या अन्य पहचान पत्र पास रखना उपयोगी हो सकता है। 5. कौन-कौन सी जानकारी ली जाएगी। जवाब: परिवार के सदस्यों की संख्या, उम्र, शिक्षा, रोजगार, मकान की स्थिति और बिजली-पानी जैसी सुविधाओं की जानकारी दर्ज की जाएगी। 6. क्या किराएदार (टेनेंट) की भी गिनती होगी। जवाब: हां, जो व्यक्ति जहां रह रहा है, उसकी गिनती उसी स्थान पर की जाएगी, चाहे वह किराएदार ही क्यों न हो। 7. अगर घर पर कोई नहीं मिला तो क्या होगा। जवाब: गणनाकर्मी दोबारा उस घर पर आएंगे या संपर्क कर जानकारी लेने की कोशिश करेंगे। 8. क्या मोबाइल नंबर या आधार देना जरूरी है।
जवाब: मोबाइल नंबर और आधार देना अनिवार्य नहीं है, लेकिन संपर्क और सत्यापन के लिए देना सुविधाजनक हो सकता है। 9. अगर कोई गलत जानकारी दे दे तो क्या होगा। जवाब: जानबूझकर गलत जानकारी देना कानूनन गलत है। बाद में गलती मिलने पर सुधार कराया जा सकता है। 10. क्या जनगणना का डेटा सुरक्षित रहेगा। जवाब: सरकार का कहना है कि डिजिटल सिस्टम में डेटा सुरक्षित और गोपनीय रहेगा तथा केवल सरकारी योजनाओं और नीतियों के लिए उपयोग किया जाएगा। 11. अगर इंटरनेट या नेटवर्क नहीं चला तो क्या होगा। जवाब: डिजिटल डिवाइस में ऑफलाइन डेटा सेव करने की सुविधा होती है। नेटवर्क मिलने पर जानकारी अपने आप अपलोड हो जाती है। 12. क्या बुजुर्ग या अशिक्षित लोगों को कोई परेशानी होगी। जवाब: नहीं, गणनाकर्मी खुद घर आकर जानकारी दर्ज करेंगे। लोगों को केवल सही जानकारी बतानी होगी। 13. क्या एक ही परिवार के सभी सदस्यों का घर पर होना जरूरी है। जवाब: जरूरी नहीं। परिवार का कोई एक जिम्मेदार सदस्य सभी की जानकारी दे सकता है। 14. अगर हाल ही में नया घर बनाया या शिफ्ट हुए हैं, तो क्या करना होगा। जवाब: ऐसी स्थिति में गणनाकर्मी को सही पता और नई जानकारी देनी होगी, ताकि रिकॉर्ड अपडेट हो सके। 15. डिजिटल जनगणना से आम लोगों को क्या फायदा होगा।
जवाब: सही आंकड़ों के आधार पर सरकार स्कूल, अस्पताल, सड़क और अन्य सुविधाओं की बेहतर योजना बना सकेगी, जिससे लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

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