हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय सत्र के दौरान महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण के विजन को आगे बढ़ाते हुए और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुरोध पर, सदन ने संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा द्वारा पेश किए गए सरकारी प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इस प्रस्ताव के तहत महिला सशक्तिकरण पर विधानसभा की एक विशेष समिति बनाने को मंजूरी दी गई है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत इस पहल के साथ हरियाणा ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। 9 मेंबरी कमेटी होगी इस कमेटी में अध्यक्ष सहित पांच महिला मेंबर होगी, इसका कार्यकाल एक वर्ष का होगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समिति के गठन को मंजूरी देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष और सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि यह कमेटी प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के अनुसार महिलाओं को और मजबूत बनाने में मदद करेगी। ऐसा करने वाला हरियाणा पहला राज्य बन गया है। समिति के गठन से क्या लाभ होंगे 1. महिलाओं के मुद्दों पर सीधा ध्यान: महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खास तौर पर काम होगा। 2. सरकारी योजनाओं की बेहतर निगरानी: महिलाओं के लिए चल रही योजनाओं की समीक्षा होगी, जिससे उनका सही लाभ लोगों तक पहुंच सकेगा। 3. नीति बनाने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी: समिति में ज्यादा महिला सदस्य होने से महिलाओं की आवाज सीधे नीति निर्माण तक पहुंचेगी। 4. समस्याओं का जल्दी समाधान: महिलाओं से जुड़े मामलों को विधानसभा स्तर पर तेजी से उठाया और सुलझाया जा सकेगा। 5. महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी: समिति नए सुझाव और नीतियां तैयार कर सकती है। जिससे महिलाओं की स्थिति मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।