हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहली बार अपने बिजी शेड्यूल को लेकर परिवार से नहीं मिल पाने का खुलासा किया है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम सैनी ने कहा, मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका अधिकांश समय जनता, बैठकों और सरकारी कार्यक्रमों में गुजरता है, जिसके कारण परिवार को समय देना काफी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने आगे कहा कि उनकी बेटी ने उनसे वृंदावन जाने की इच्छा जताई थी और तारीख भी तय हो गई थी, लेकिन व्यस्त कार्यक्रम के चलते वह खुद नहीं जा सके। उन्होंने अपनी पत्नी सुमन सैनी से बच्चों को लेकर जाने के लिए कहा है, लेकिन बच्चे अकेले जाने के लिए तैयार नहीं हैं। परिवार को साथ नहीं रखने की वजह बताई सीएम बोले, “मैं हफ्ते में अपने बच्चों से बहुत कम मिल पाता हूं। कई बार ऐसा होता है कि लगातार कार्यक्रमों और बैठकों में व्यस्त रहने के कारण परिवार को समय नहीं दे पाता। मुख्यमंत्री ने यह भी खुलासा किया कि उनका परिवार सीएम हाउस में उनके साथ नहीं रहता। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आवास पर लगातार लोगों की आवाजाही रहती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। सीएम हाउस में दिनभर लोग आते-जाते रहते हैं। बच्चों की पढ़ाई डिस्टर्ब होती है, इसलिए परिवार अलग रहता है। 28 को सीएम बना रहे शेड्यूल सीएम सैनी ने यह भी बताया कि 28 मई को गजेटेड हॉलीडे होने के कारण बच्चों की छुट्टी है और उन्होंने अपने शेड्यूल में परिवार के साथ समय बिताने का कार्यक्रम लिख रखा है। हालांकि उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि देखना होगा कि उस दिन समय मिल पाता है या नहीं। मुख्यमंत्री बनने के बाद नायब सैनी लगातार प्रदेशभर में दौरे, समीक्षा बैठकें, जनसंवाद कार्यक्रम और सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग में सक्रिय रहते हैं। यहां पढ़ते हैं CM सैनी का टेंटेटिव शेड्यूल… सीएम नायब सैनी की दिनचर्या सुबह 8.00 बजे से शुरू हो जाती है। सीएम सबसे पहले अपने संत कबीर कुटीर सरकारी आवास पर प्रदेश से आए लोगों से मिलना शुरू करते हैं। 10.00 बजे सीएम पहले से तय मीटिंगों में शामिल होते हैं। ये सिलसिला देर रात तक चलता रहता है। कई बार सीएम सैनी को रात एक बजे भी अपने आवास पर लोगों से मिलते हुए देखा गया है। चंडीगढ़ के अलावा जब भी वह बाहर जाते हैं तो देर रात ही उनकी वापसी हो पाती है। सीएम नायब सैनी के परिवार के बारे में जानिए… अंबाला के रहने वाले, पिता सेना से रिटायर्ड
नायब सिंह सैनी अंबाला जिले के मिर्जापुर माजरा गांव के रहने वाले हैं। उनका जन्म 25 जनवरी, 1970 को हुआ था। उनके पिता तेलुराम सैनी भारतीय सेना से रिटायर्ड हैं और गांव में खेती करते हैं। वहीं माता का नाम बंतो देवी (70) है, जोकि पंजाबी हैं। लोकसभा चुनाव के एफिडेविट के अनुसार, नायब सिंह का पेशा खेती और बिजनेस है। लॉ की पढ़ाई कर रहा है बेटा
नायब सिंह सैनी ने साल 2010 में मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से एलएलबी की थी। वहीं परिवार की बात करें तो उनकी पत्नी सुमन सैनी (Suman Saini) हैं, जिनसे उनकी शादी साल 2000 में हुई थी। नायब सैनी का एक बेटा अनिकेत और एक बेटी अंशिका है। बेटे की बात करें तो वो चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई कर रहा है, वहीं बेटी चंडीगढ़ में भी पढ़ाई कर रही है। राजनीति में एक्टिव हैं नायब सैनी की पत्नी
नायब सैनी जिस नारायणगढ़ सीट से 2014 के चुनाव में पहली बार विधायक बने थे, वो अंबाला जिले में ही आती है। उनकी पत्नी सुमन सैनी राजनीति में सक्रिय हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में जब नायब सैनी कुरुक्षेत्र में चुनाव लड़ रहे थे, उस समय उनकी पत्नी नारायणगढ़ विधानसभा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी का प्रचार भी कर रही थीं। इसके अलावा साल 2022 में बीजेपी की टिकट पर वो जिला परिषद का चुनाव लड़ चुकी हैं, हालांकि इसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस समय वो बीजेपी की अंबाला जिला महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी हैं।