हाईकोर्ट ने बस्ती SP को 4 घंटे तक खड़ा रखा:कहा- अपनी जिम्मेदारी समझिए, आगे से माफी नहीं मिलेगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के एक मामले में बस्ती पुलिस की लापरवाही पर एसपी को चार घंटे तक खड़ा रखा। कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा- जिस व्यक्ति के पास जिले का प्रभार है, उसे अपने इंस्पेक्टर या सिपाही द्वारा दी गई जानकारी के प्रति सचेत रहना चाहिए। इसके बाद एसपी ने कोर्ट से माफी मांगी। कोर्ट ने गुरुवार को कहा- एसपी की माफी पर नरम रुख अपनाया जा रहा है। उनके खिलाफ कोई आदेश पारित करने के बजाय, उन्हें निर्देश दिया जाता है कि वे कोर्ट के उठने तक न्यायालय में मौजूद रहें। ताकि भविष्य में हाईकोर्ट या किसी भी कोर्ट के सामने शपथ-पत्र दाखिल करते समय वे अधिक सावधानी बरतें। दरअसल, पूरा मामला एक युवती की हत्या से जुड़ा है। इसमें बस्ती पुलिस की ओर से कोर्ट में गलत तथ्यों के साथ शपथ पत्र दाखिल किया गया था। साथ ही समय पर रिपोर्ट भी नहीं भेजी गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी वो सबूत सामने नहीं मिले, जिसे पुलिस ने अपनी जांच में शामिल किया था। अब पूरा मामला पढ़िए मामला 25 सितंबर, 2025 का है। बस्ती के वाल्टरगंज थाना क्षेत्र में खेत जाने के लिए निकली युवती की हत्या कर दी गई थी। आरोप था युवती पर ईंट और किसी भारी चीज से वार किया गया। युवती की हत्या के बाद उसके मुंह में जहर डाला गया, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी गंभीर चोट के स्पष्ट सबूत नहीं मिले। हत्या का आरोप मनजीत कुमार समेत 3 अज्ञात लोगों पर था। परिजनों के अनुसार, आरोपी युवती पर शादी का दबाव बना रहे थे। उसके इनकार करने पर इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने इस मामले में 17 दिन बाद एफआईआर दर्ज की थी। रिपोर्ट देर से भेजने पर कोर्ट नाराज मामले में आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने थाने से पैरा-वाइज टिप्पणी मांगी। लेकिन पुलिस को रिपोर्ट भेजने में काफी देर हुई। इस पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई। थानाध्यक्ष वाल्टरगंज उपेंद्र सिंह को भी तलब किया गया। सुनवाई के दौरान थानाध्यक्ष उपेंद्र सिंह और विवेचक हेड कांस्टेबल मनोज यादव ने देरी के लिए अभियोजन अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद कोर्ट ने अभियोजन अधिकारी राजीव कुमार को भी तलब किया। इसके बाद कोर्ट ने 7 अप्रैल, 2026 को एसपी बस्ती को तलब कर लिया। बस्ती पुलिस की लापरवाही सामने आई 16 अप्रैल, 2026 को एसपी बस्ती और अभियोजन अधिकारी दोनों व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित हुए। कोर्ट ने हत्या मामले में कार्रवाई करने में बस्ती पुलिस की लापरवाही मानी। कोर्ट ने एसपी की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए उन्हें पूरे समय कोर्ट में खड़े रहने का निर्देश दिया। एसपी बोले- माफी मांगता हूं एसपी यशवीर सिंह ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बिना शर्त माफी मांगी। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें भविष्य में सावधानी बरतने की चेतावनी दी। वहीं, केस के मेरिट पर विचार करते हुए कोर्ट ने आरोपी मनजीत कुमार को जमानत दे दी। कोर्ट ने यह भी कहा, मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है। केवल अंतिम बार साथ देखे जाने की परिस्थिति है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी गंभीर चोट के स्पष्ट साक्ष्य नहीं हैं, इससे संदेह की स्थिति बनी हुई है। कोर्ट ने सशर्त जमानत देते हुए आरोपी को निर्देश दिया कि वह गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा और ट्रायल में सहयोग करेगा। —————— यह खबर भी पढ़ें… आगरा के होटल में प्रेमी का सिर फोड़ा, गला काटा:शादीशुदा प्रेमिका चीख-चीखकर बोली- मैंने उसे मार दिया, बैग में हथौड़ा-चाकू लाई थी
आगरा में शादीशुदा महिला ने शुक्रवार दोपहर अपने प्रेमी के सिर पर हथौड़े से हमला कर दिया। वह जब अचेत हो गया तो चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और गला काट डाला। जब प्रेमी की मौत हो गई तो महिला चीखने-चिल्लाने लगी। कहने लगी- ‘मैंने उसे मार डाला…मैंने उसे मार डाला।’ ये वारदात इटौरा थाना क्षेत्र के एक होटल की है। दोनों सुबह ही होटल पहुंचे थे और अपने लिए एक कमरा बुक किया था। पढ़ें पूरी खबर…

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