मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार 3 मई से बिहार यात्रा पर निकलेंगे। यात्रा की शुरुआत पश्चिमी चंपारण से होगी। यह यात्रा कई चरणों में आयोजित होगी और करीब तीन से चार महीने तक चल सकती है। इस यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को निशांत ने जदयू कार्यालय पहुंचकर अपने हाईटेक रथ का निरीक्षण किया। सुरक्षा व्यवस्था के साथ रथ में उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। यह वही रथ है, जिससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी प्रगति यात्रा पर निकले थे। निशांत ने कहा, 3 तारीख से यात्रा पर निकलेंगे। अभी पार्टी के लोगों के साथ मिलकर बैठक कर रहे हैं। यात्रा का क्या रोड मैप होगा यह सब कुछ डिसाइड हो रहा है। कल तक सब कुछ फाइनल हो जाएगा और आप लोगों को बता दिया जाएगा। देखें रथ की कुछ तस्वीरें… हाईटेक सुविधाओं से लैस है निशांत का रथ निशांत कुमार जिस रथ से बिहार यात्रा करेंगे, उसे पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से तैयार किया गया है। यह रथ फुली एयर कंडीशंड है और अंदर आरामदायक यात्रा के लिए सोफा, बेड, वॉशरूम, फ्रीज जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। रथ की सबसे खास बात यह है कि इसके ऊपर जाने के लिए लिफ्ट की व्यवस्था की गई है। रथ की छत पर चारों तरफ स्टील बैरिकेडिंग लगाई गई है ताकि निशांत कुमार ऊपर खड़े होकर सुरक्षित तरीके से लोगों का अभिवादन कर सकें। इस व्यवस्था से वे बड़ी सभाओं और सड़क किनारे मौजूद समर्थकों से सीधे संवाद कर सकेंगे। हर व्यवस्था की खुद ली जानकारी निशांत कुमार ने सुरक्षा में तैनात अधिकारियों और जवानों की मौजूदगी में रथ का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने रथ के हर हिस्से को ध्यान से देखा और जहां कुछ कमी नजर आई, उसे जल्द पूरा करने का निर्देश भी दिया। सूत्रों के मुताबिक, यात्रा के दौरान रथ को चलती-फिरती कैंप ऑफिस की तरह इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि रास्ते में भी बैठकों और संवाद की सुविधा बनी रहे। सुरक्षा के लिहाज से भी रथ को विशेष रूप से तैयार किया गया है। चंपारण से होगी यात्रा की शुरुआत निशांत कुमार अपनी बिहार यात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण से करेंगे। यह स्थान राजनीतिक और ऐतिहासिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। पश्चिम चंपारण महात्मा गांधी की कर्मभूमि रहा है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपनी कई बड़ी राजनीतिक यात्राओं की शुरुआत यहीं से की थी। पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकेत चंपारण से यात्रा शुरू कर निशांत कुमार यह संदेश देना चाहते हैं कि वे अपने पिता नीतीश कुमार की राजनीतिक कार्यशैली और मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह यात्रा निशांत कुमार की सक्रिय राजनीतिक भूमिका की शुरुआत मानी जा रही है, जिस पर बिहार की राजनीति की नजर टिकी है।