हिमाचल कांग्रेस नेता कौल सिंह का छलका दर्द:बोले- जनता ने जिता दिया होता तो मुख्यमंत्री सुक्खू नहीं, वह होते; BJP में जाने से इनकार

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि दरंग विधानसभा की जनता ने उन्हें जिता दिया होता तो मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू नहीं, बल्कि वह होते। कांग्रेस हाईकमान ने यह मन बना लिया था। कौल सिंह द्वारा बीती शाम (बुधवार) को एक कार्यक्रम में दिया गया बयान अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। बता दें कि कौल सिंह ठाकुर तीन बार मंत्री, एक बार स्पीकर, आठ बार विधायक और एक बार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। साल 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में वह लगातार दो बार चुनाव हारे हैं। उनका दर्द एक कार्यक्रम में झलका। कौल सिंह ठाकुर आठ बार चुनने के लिए दरंग की जनता का आभार भी जताते हैं और यह भी कहते हैं कि जब जिताना बहुत जरूरी था, तब आप लोगों ने हरा दिया। राजनीति में अनुभव का भी फायदा मिलता है कौल सिंह ठाकुर कहते हैं कि वह मुख्यमंत्री होते तो उन्होंने पूरे प्रदेश का व्यापक विकास करना था। राजनीति में अनुभव का भी फायदा मिलता है। अब उनके इस बयान की सियासी गलियारों में खूब चर्चा हो रही है। राजनीतिक जानकार इसे कांग्रेस की अंदरूनी कलह से भी जोड़कर देख रहे हैं। बीजेपी में जाने की अटकलों पर विराम कौल सिंह ठाकुर ने बीजेपी में जाने की अटकलों पर भी विराम लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। वह कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे। मीडिया के एक सवाल के जवाब में कौल सिंह ने कहा कि अगला विधानसभा चुनाव लड़ने की उनकी कोई इच्छा नहीं है। फिर भी यदि हाईकमान बोलेगा तो आदेशों का पालन करेंगे। सीएम सुक्खू पर पहले भी निशाना साध चुके कौल सिंह ठाकुर बीते सप्ताह भी एक बयान देकर सीएम सुक्खू की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर चुके हैं। तब उन्होंने कहा था कि सीएम के कहने के बावजूद अधिकारी दो-दो महीने तक ट्रांसफर नहीं करते। उन्होंने प्रिंसिपल को पास के स्कूल में ट्रांसफर करने का आग्रह किया, लेकिन उसे दूरदराज के क्षेत्र में भेज दिया गया।

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