मंडी में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और वर्तमान कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न हुए नगर पंचायत और नगर परिषद चुनावों में मिली करारी हार के बाद प्रदेश सरकार पूरी तरह बौखला गई है। सरकार की यह ‘बौखलाहट’ हाल ही में कैबिनेट की बैठकों में लिए गए फैसलों में साफ तौर पर उजागर हो रही है। 300 यूनिट मुफ्त का वादा करने वाली सरकार ने 125 यूनिट भी छीनी जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर ‘झूठ और वसूली की राजनीति’ करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने बिजली संकट और बढ़े हुए बिलों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान जनता से हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का बड़ा वादा करने वाली कांग्रेस अब अपने वादों से पूरी तरह मुकर गई है। टवादा निभाना तो दूर, हमारी पूर्व भाजपा सरकार के समय प्रदेशवासियों को मिल रही 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा को भी इस सरकार ने छीनकर समाप्त कर दिया है। इसके चलते जिन गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों के बिजली बिल पहले शून्य (जीरो) आते थे, उन्हें अब 700 से 750 रुपये तक के भारी-भरकम बिलों का भुगतान करना पड़ रहा है। छात्रों और व्यापारियों पर टैक्स का अतिरिक्त बोझ नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने बिजली सब्सिडी खत्म कर आम जनता की कमर तोड़ दी है। घर से दूर रहकर पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को भी अब महंगी बिजली का भुगतान करना पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न सेस (Cess) लगाए जाने का विरोध करते हुए कहा कि होटल, निजी अस्पताल, पेट्रोल पंप, शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स पर अतिरिक्त बिजली सेस ठोक दिया गया है। पहले दूध सेस और पर्यावरण सेस लगाया गया और अब लगातार नए-नए कर लगाकर जनता की जेबों पर डाका डाला जा रहा है। आचार संहिता के उल्लंघन और बजट कटौती का आरोप पूर्व मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों का कार्यकाल बढ़ाने के सरकार के फैसले पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू पर आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि मंडी नगर निगम चुनावों के दौरान मुख्यमंत्री मीडिया और कैबिनेट बैठकों के माध्यम से चुनावी माहौल को प्रभावित करने और घोषणाएं कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। जयराम ठाकुर ने यह भी आरोप जड़ा कि प्रदेश सरकार ने सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के बजट में भारी कटौती कर दी है, जिससे गरीब वर्ग परेशान है। साथ ही केंद्र सरकार की ओर से विकास कार्यों के लिए मिलने वाले फंड का भी प्रदेश में सही ढंग से उपयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हिमाचल की जनता वर्तमान सरकार की कथनी और करनी का अंतर अच्छी तरह समझ चुकी है और आने वाले समय में चुनावों के जरिए वह इस जनविरोधी नीतियों का करारा जवाब देगी।