होशियारपुर में पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश कर रहे कैदी की पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने का CCTV सामने आया है। इसमें आटो में बैठकर जाता हुआ कैदी पुलिस वाले पर हमला करता हुआ दिखता है। कैदी पुलिस वाले पर ताबड़तोड़ वार करता है।
पुलिस वाला पहले हथकड़ी की चेन पकड़कर उसे भागने से रोकता है फिर अपना बचाव करता है। कैदी और पुलिस की भिड़ंत में लोग भी गली से बाहर निकल आते हैं। इस बीच कभी कैदी तो कभी पुलिस वाला गली में नीचे गिरते हैं।
इस बीच पुलिस कर्मी अपनी पिस्टल निकाल लेता है और इस बीच गोली भी चलती है।
गोली लगने के बाद कैदी गली में ही गिर जाता है और फायर की आवाज के बाद लोग गली में आ जाते हैं। गोली चलने के बाद आटो वाला आटो लेकर भाग जाता है। लोग कैदी की मदद करने के लिए पहुंचते हैं लेकिन गोली लगी देख और खून देख पीछे हट जाते हैं। शनिवार को मेडिकल के लिए लाए थे सिविल अस्पताल
बता दें कि शनिवार (16 मई) को पुलिस मेडिकल जांच के लिए 3 कैदियों को होशियारपुर सिविल अस्पताल लेकर आई थी। उन्हें ई-रिक्शा से एम्बुलेंस तक ले जाया जा रहा था। इसी दौरान एक कैदी ने अचानक भागने की कोशिश की। जब एक सीनियर कांस्टेबल ने उसे पकड़ने की कोशिश की आरोपी ने चाकू से उस पर हमला कर दिया। उसने पुलिस कॉन्स्टेबल से हाथापाई शुरू कर दी। इसी दौरान गोली चली और कैदी की वहीं मौत हो गई। होशियारपुर के SSP संदीप कुमार मलिक ने बताया कि आरोपी का पिता भी NDPS मामले में जेल में बंद है। कैदी की पहचान नसीब के रूप में हुई है, जो होशियारपुर जेल में बंद था। वह कोटला गौंसपुर का रहने वाला था। ड्रग तस्कर था आरोपी
पुलिस के अनुसार इस घटना के समय आरोपी नसीब सिंह अकेला ही था। सीनियर कांस्टेबल जसदीप सिंह ने घायल होने के बावजूद अत्यधिक बहादुरी से आरोपी को रोकने का प्रयास किया। मृतक आरोपी नसीब सिंह पर हत्या, हत्या के प्रयास और ड्रग्स (NDPS) के तहत 7 एफआईआर दर्ज थीं और वह एक सजायाफ्ता अपराधी था। उसका पिता शशि भी हत्या और ड्रग्स के मामले में जेल में बंद है।