पठानकोट में एक मां ने 11 दिन के मासूम बच्चे को आग लगा दी। जिससे वह बुरी तरह झुलस गया। बच्चे के पिता ने कहा कि वह सामान लेने के लिए कुछ समय के लिए बाहर गया था। पत्नी घर पर थी, बच्चा बिस्तर पर लेटा हुआ था, इसी दौरान उसने गुस्से में आकर बिस्तर में आग लगा दी। जब वह घर पहुंचे, तो बच्चा जोर-जोर से चिल्ला रहा था। उन्होंने तुरंत उसे उठाकर अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने कहा कि पत्नी जब प्रेग्नेंट थी, तब भी उसने पेट में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी, उसने पेट में ही मुक्के मारे थे। उन्होंने कहा कि 4 साल पहले उनका पहला बच्चा जब मात्र 16 दिन का था, उसकी भी मौत आग लगने से हुई थी। तब पत्नी ने बहाना बनाया कि वह दूसरे घर में सामान लेने गई थी और पीछे से आग लग गई। फिलहाल पुलिस ने परिवार के बयान पर महिला के खिलाफ केस दर्ज किर लिया है। परिवार ने कहा कि आरोपी महिला अभी अपने मायके में रह रही है। पति ने पुलिस को ये बयान करवाए दर्ज पुलिस को दिए बयान में पति मंदीप सिंह ने बताया कि 15 जनवरी को दोपहर 2 बजे वो अपने पिता सुरिंदर पाल के साथ बाजार गया था। घर पर पत्नी संतोष और 11 दिन का बेटा जैविक था। जब वह एक घंटे बाद वापस घर आया तो कमरे से धुआं निकल रहा था और बच्चे को जोर-जोर से रोने की आवाजें आ रही थीं। मंदीप सिंह ने बताया कि जब वो कमरे में पहुंचा तो देखा कि बच्चे के बिस्तर को आग लगी थी। बच्चा भी आग की चपेट में आ चुका था। लेकिन, उसकी पत्नी पास ही खड़ी थी। उसने अपने परिवार के साथ किसी तरह आग बुझाई और बच्चे को आग से बाहर निकाला। लेकिन, तब तक बच्चे के दोनों पैर, टांगें, पेट आर कोहनी आग से बुरी तरह झुलस चुके थे। मंदीप ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी ने ही बच्चे के बिस्तर को आग लगाई थी। पति बोला- गुस्से में आपा खो देती है पत्नी बच्चे के पिता मंदीप सिंह ने बताया कि उनकी शादी 6 साल पहले हुई थी। शुरुआत में परिवार संयुक्त था, लेकिन पत्नी अक्सर घर में झगड़ा और कलेश करती थी। पत्नी को जब गुस्सा आता है, तो वह आपा खो देती है और पागलों जैसी हरकतें करने लगती है। यहां तक कि गर्भावस्था के दौरान उसने अपने पेट पर मुक्के मारकर बच्चे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश भी की थी। पहले बच्चे की भी 16 दिन में मौत हुई थी मंदीप ने कहा कि 4 साल पहले उनका पहला बच्चा जब मात्र 16 दिन का था, तब उसकी भी मौत आग लगने से हुई थी। तब पत्नी ने बहाना बनाया कि वह दूसरे घर में कोई सामान लेने गई थी और पीछे से आग लग गई, लेकिन आग लगने का कारण आज तक स्पष्ट नहीं हो सका। अब 11 दिन के बच्चे को आग लगाई मंदीप ने कहा कि 4 महीने पहले जब दूसरा बेटा हुआ तो पत्नी ने फिर से गर्भपात की कोशिश की थी। बच्चा होने के मात्र 11 दिन बाद जब वह और उनके पिता दवाई लेने बाहर गए थे, तो पत्नी ने फोन कर सामान मंगवाया। उसके मात्र 5 मिनट बाद फोन आया कि बच्चे को आग लग गई है। उसका भी कारण स्पष्ट नहीं हो पाया। लेकिन, इससे बच्चे की दोनों टांगें बुरी तरह झुलस गईं। मंदीप ने बताया कि जब उन्होंने ससुराल पक्ष से शिकायत की, तो उन्होंने अपनी बेटी को समझाने के बजाय पल्ला झाड़ लिया। पोती की सुरक्षा की गुहार बच्चे के दादा सुरिंदर पाल ने पुलिस प्रशासन से इंसाफ की मांग करते हुए कहा कि उनकी बहू फिलहाल अपने मायके में है। उन्होंने चिंता जताई कि उनकी 5 साल की पोती भी है, जिसकी जान को वे अपनी बहू से खतरा मानते हैं। उन्होंने मांग की है कि उनकी पोती को उनके पास वापस दिलाया जाए। आरोपी बहू के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। आरोपी मां पर मामला दर्ज मंदीप की शिकायत पर थाना सदर पुलिस ने बच्चे की मां जिला गुरदासपुर के धारीवाल निवासी संतोष के खिलाफ 25 अप्रैल को मामला दर्ज कर लिया है। फिल्हाल आरोपी महिला पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी महिला को काबू कर लिया जाएगा।