एस्ट्रोलॉजी के भरोसे चला बैंक घोटाले का खेल:डायरी में लिखी मिली गिरफ्तारी की तारीख; टोटका कर पति से छुड़वाई थी जॉब

हरियाणा बैंकिंग फ्रॉड मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। ACB की ओर से घोटाले का खुलासा होने की शुरूआत में गिरफ्तार किए बैंक रिलेशनशिप मैनेजर अभय की पत्नी और देश स्वास्तिक कंपनी की हैड स्वाति सिंगला एस्ट्रोलॉजर का काम जानती है। देश स्वास्तिक कंपनी की हैड स्वाति सिंगला को पता था कि उसकी गिरफ्तारी 2026 में होगी। इसी के चलते उसने अपने पति की IDFC बैंक से नौकरी छुड़वा दी थी। पति की नौकरी छुड़वाने के साथ ही उसे AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में रिजर्व ब्रांच मैनेजर भी बनवा दिया था। रिजर्व ब्रांच मैनेजर का केवल उसकी स्थिति में होता है, जब किसी ब्रांच का मैनेजर छुट्‌टी पर चला जाए। खास बात यह है कि गिरफ्तारी की गणना उसने अपनी डायरी में दर्ज कर रखी थी। उसी के उपाय में वह जुटी हुई थी। करीब 6 माह से उसे इसका आभास था। ACB को जांच के दौरान यह डायरी मिली है। एसीबी की टीम ने पूछताछ में आरोपी से पूछा तो उसने यह बताया था, लेकिन अधिकारियों को तसल्ली नहीं हुई। अब किसी एस्ट्रोलॉजर ने कन्फर्म किया कि यह डायरी में लिखी चीजें, उसके द्वारा की गई गणना है। बढ़ रहा गिरफ्तारियों का दायरा एसीबी के द्वारा जांच में गिरफ्तारियों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अब एसीबी ने दो और बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान पंजाब के अनुज और प्रियंका के तौर पर हुई है, जो सरकारी विभागों के चैक क्लियर करवा कर सीमा धीमान को रिपोर्ट देते थे। सीमा धीमान आगे रिभव ऋषि और अभय सिंह को सूचित करती थी। अब तक 10 हो चुके गिरफ्तार घोटाले की जांच की शुरूआत में रिभव ऋषि, अभय सिंह, उसकी पत्नी स्वाति सिंगला व साला अभिषेक गिरफ्तार किए गए। जिसके बाद पंचायत विभाग का सुपरिडेंट नरेश कुमार व मनीष जिंदल गिरफ्तार हुए। जिसके बाद एसीबी ने सीमा धीमान व अरूण शर्मा नाम के कर्मचारी को गिरफ्तार किया। अब एसीबी ने अनुज व प्रियंका को गिरफ्तार किया है। 6 आरोपियों को न्यायिक हिरासत भेजा जा चुका है। वहीं सीमा धीमान व अरूण शर्मा को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। अब जानिए फ्रॉड में किसकी क्या भूमिका… बैंक मैनेजर रिभव ऋषि : ACB सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ के सेक्टर-32 की IDFC बैंक का मैनेजर रिभव ऋषि पूरी सूत्रधार है। जिसने रिलेशनशिप मैनेजर के साथ मिलकर फ्रॉड किया। 6 महीने पहले आरोपी ने बैंक की नौकरी छोड़ दी थी। अभय, रिलेशनशिप मैनेजर: चंडीगढ़ के सेक्टर-32 की IDFC बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर रहा, जिसने रिभव ऋषि की बनाई योजना पर काम करते हुए अपनी पत्नी स्वाति सिंगला और साले अभिषेक को भी शामिल कर लिया। अधिकारियों के पास जाकर अपनी ब्रांच में एफडी बनवाने के लिए लॉइजनिंग का काम करता था। स्वाति सिंगला, फर्जी कंपनी की मालकिन: स्वाति सिंगला ने एक स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट के नाम से कंपनी बनाई। जिसमें वह 75 प्रतिशत की शेयर होल्डर है। पति अभय के कहने पर कंपनी बनाकर फंड को दूसरे अकाउंट में भेजा गया, जहां से प्रॉपर्टी और शेयर मार्केटिंग में हिस्सा लिया गया। अभिषेक सिंगला, स्वाति का भाई: स्वास्तिक देश कंपनी में अभिषेक सिंगला की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अभिषेक स्वाति सिंगला का भाई और अभय का साला है। फर्जी कंपनी में हिस्सेदारी के साथ-साथ फंड को रियल एस्टेट में लगाने और वहां से निकालने के जिम्मा अभिषेक संभालता था।

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