चंडीगढ़ | इंडस्ट्रियल एरिया में शनिवार को झाड़ियों में मिले कंकाल की पहचान बापूधाम निवासी 21 वर्षीय आरती के रूप में हुई है। आरती 11 फरवरी से लापता थी, लेकिन पुलिस उसे ढूंढने के बजाय परिजनों को यह कहकर टालती रही कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से गई होगी। आरती के परिवार ने सोशल मीडिया पर कंकाल मिलने का वीडियो देखा और खुद ही इंडस्ट्रियल एरिया थाने पहुंच गए। पुलिस परिवार को जीएमएसएच-16 की मॉर्चरी ले गई, जहां आरती की अंगूठी और मौके से मिले कपड़ों के आधार पर पहचान की गई। शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया, 5 दिन बाद रिपोर्ट आरती के भाई विनोद और मां ने सेक्टर-26 थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 11 फरवरी को आरती के गायब होने के बाद जब परिवार 12 फरवरी को थाने गया, तो जांच अधिकारी आंचल ने यह कहकर वापस भेज दिया कि लड़की बालिग है, 2-3 दिन में खुद आ जाएगी। गुमशुदगी की रिपोर्ट 17 फरवरी को दर्ज की गई। सीसीटीवी नहीं खंगाले: घरवालों ने पुलिस को सूचना दी थी कि आरती को ट्रांसपोर्ट लाइट पॉइंट के पास एक पिकअप गाड़ी में देखा गया है, लेकिन पुलिस ने न तो कैमरे चेक किए और न ही उसकी फोटो दूसरे थानों में शेयर की। घरवालों ने लगाए गंभीर आरोप लावारिस घोषित करने की तैयारी: परिवार खुद वीडियो देखकर थाने न पहुंचता, तो पुलिस 72 घंटों के बाद कंकाल को लावारिस मानकर उसका अंतिम संस्कार कर देती। आरती